हिंदी सिनेमा के सबसे महान गायकों में शुमार मोहम्मद रफी साहब ने अपनी आवाज से जितने भी गीत गाए, उनमें से कुछ ऐसे हैं जो सिर्फ गाने नहीं, बल्कि एक पूरी भावना बन जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि उन्होंने अपनी बेटी की विदाई में भी एक भावुक गीत गाकर पिता के दर्द को उकेरा और बेटी को नए घर जाने से पहले सीख भी दी. बेटी की शादी से पहले वह हसरत जयपुरी के पास पहुंचे और उन्होंने कहा ‘जयपुरी साहब मेरी बेटी की विदाई के लिए एक गीत लिख दीजिए.’ हसरत जयपुरी ने कहा कि आपकी बेटी नहीं हर घर की बेटी के लिए लिखेंगे. हसरत जयपुरी ने बोल लिखे ‘घर से डोला चला लाडली का’ ऐसा ही एक अमर गीत है, जिसे उन्होंने अपनी बेटी की शादी के अवसर पर गाया था. यह गीत किसी फिल्म का हिस्सा नहीं, बल्कि एक पिता के उस हृदय विदारक क्षण की अभिव्यक्ति है, जब वह अपनी बेटी को विदा कर रहा होता है.
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