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Lithuania New PM Ingi Ruginiene: इंगा रुगीनीने राजनीति में नया नाम जरूर हैं, लेकिन उन्होंने मजदूर संघों की कठोर धरती से उठकर उन्होंने राजनीति की चमक-दमक में कदम रखा.जासूसी और रहस्यों वाली किताबें उनकी खास पसंद हैं.

यूरोप की राजनीति में कुछ छोटे राष्ट्र भी हैं, जिनका नाम इतना भले ही न हो लेकिन वे अपनी ग्लोबल प्रेजेंस रखते हैं. एक ऐसा ही छोटा सा देश है – लिथुआनिया. नाटकीय घटनाओं और अप्रत्याशित राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद यहां एक नई प्रधानमंत्री के रूप में 44 साल का एक ऐसा चेहरा सामने आया है- जो किसी मॉडल से कम नहीं.

ये चेहरा है राजनेता इंगा रूगीनीने का, जो जितनी खूबसूरत हैं, उतनी ही बेहतरीन नेता भी. उन्होंने मजदूरों की आवाज़ से सीधे सत्ता की चोटी तक का सफर तय किया है. लिथुआनिया की संसद में तब हलचल मच गई, जब देश के पूर्व प्रधानमंत्री गिन्तौतस पालुकस ने इस्तीफा दे दिया. उन पर गंभीर कारोबारी और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप था.

ऐसे में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने सामने एक ऐसा नाम रखा, जिसने न केवल मजदूरों की आवाज को बुलंद किया बल्कि उम्मीदें जगा दीं. संसद में मतदान हुआ और इंगा को जबरदस्त समर्थन मिला. उन्हें 35 बनाम 78 वोट हासिल हुए. यह आंकड़ा किसी राजनीतिक तूफान से कम नहीं था.

इंगा रुगीनीने राजनीति में नया नाम जरूर हैं, लेकिन उन्होंने मजदूर संघों की कठोर धरती से उठकर उन्होंने राजनीति की चमक-दमक में कदम रखा. साल 2023 के आम चुनावों से ठीक पहले केंद्र-वामपंथी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी में शामिल हुईं और समाजिक सुरक्षा तथा श्रम मंत्री बनाईं गईं. इससे पहले लिथुआनिया के मजदूर संघ महासंघ की अध्यक्ष रह चुकीं इंगा यूरोपियन मजदूरों की आवाज बनीं.

इंगा की कहानी में रूस और यूक्रेन से भी गहरे रिश्ते जुड़े हैं. उनका जन्म त्राकाई में 1981 में हुआ, लेकिन बचपन का मुख्य रूप से राजधानी विल्नियस में गुजरा. वे अक्सर पूर्वी यूक्रेन के क्रामातोर्स्क जाती थीं, जहां उनके रिश्तेदार रहते थे. ऐसे में उनका जीवन तीन देशों — लिथुआनिया, यूक्रेन और रूस से जुड़ा हुआ है.

हालांकि राजनीति में आते ही इंगा ने रूस की आक्रामक नीतियों की खुलकर आलोचना की और यूक्रेन के समर्थन में अपनी आवाज उठाई. यह उनके करियर में एक बहादुरी भरा कदम था, जिसने उन्हें स्थापित किया. सत्ता पर बैठने के बावजूद इंगा रुगीनीने ने अपनी मानवता को कभी नहीं छोड़ा. जासूसी और रहस्यों वाली किताबें उनकी खास पसंद हैं, और ‘द लिटिल प्रिंस’ उनकी प्रिय पुस्तकों में से एक है. वे ट्रैवलिंग और पेंटिंग के शौकीन भी हैं.

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने दो अन्य दलों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है, जो संसद में 141 सीटों में से 82 सीटों का समर्थन रखती है. अब इंगा के सामने चुनौती स्थिरता और विकास की है. अगले 15 दिनों में उन्हें संसद में अपनी सरकार का कार्यक्रम पेश करना है, जिसमें सुरक्षा, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे.

लिथुआनिया के लिए यह नई शुरुआत है और इंगा रुगीनीने इस नए युग की आवाज बनी हैं. देखने की बात ये है कि लिथुआनिया को स्थिरता और विकास के पथ पर इंगा कहां तक पहुंचा पाएंगी. हालांकि उनका राजनीति में यहां तक पहुंचना उम्मीद और भरोसे की मिसाल है. (Credit- Instagram/Ingi Ruginiene)





