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भारत चीन व्यापार घाटा कम करने के लिए मोदी सरकार के ठोस कदम.

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Piyush Goyal on Trade Deficit With China: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल जोशी से खास बातचीत के दौरान भारत चीन व्यापार घाटा, गलवान घटना, प्रधानमंत्री मोदी की पहल, मेक इन इंडिया व और जीएसटी सुधारों पर खुलकर …और पढ़ें

चीन से व्‍यापार घाटा कम करने के मिशन पर मोदी सरकार, पीयूष गोयल ने बताया प्‍लानपीयूष गोयल ने खुलकर अपनी बात कही. (File Photo)
नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नेटवर्क 18 ग्रुप के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी से बातचीत के दौरान भारत-चीन संबंधों को लेकर खुलकर अपनी बात कही. उन्‍होंने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत अपने आर्थिक हितों को मजबूती देने और व्यापार घाटा (Trade Deficit) कम करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है. गोयल ने कहा कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से व्यापारिक रिश्ते रहे हैं, लेकिन गलवान की घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में ठंडापन आ गया था. अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं और रिश्तों को “प्री-गलवान स्तर” पर ले जाने की कोशिशें हो रही हैं.

कैसे घटेगा चीन से व्‍यापार घाटा?
व्यापार घाटे के मसले पर बोलते हुए मंत्री पीयूष गोयल ने स्वीकार किया कि भारत का चीन के साथ बड़ा ट्रेड डेफिसिट है. इस पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के अपने समकक्ष के साथ बातचीत में भारतीय सामान और सेवाओं को वहां अधिक पहुंच दिलाने का मुद्दा उठाया है. सरकार चाहती है कि भारतीय कंपनियों और उद्यमों को चीन में व्यापक अवसर मिलें और दोनों देश मिलकर ऐसे कदम उठाएं, जिनसे मेक इन इंडिया और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सके.

हर देश से रिश्‍तों की अहमियत
गोयल ने यह भी कहा कि भारत हर देश के साथ अपने रिश्तों को स्वतंत्र नजरिए से देखता है, न कि किसी तीसरे देश के चश्मे से. उनका कहना था कि “हमारे लिए पूरी दुनिया एक परिवार है और हर देश के साथ अच्छे संबंध बनाना हमारी नीति का हिस्सा है.” चीनी निवेशों पर लगी पाबंदी से जुड़े सवाल पर गोयल ने प्रेस नोट 3 का जिक्र  करते हुए कहा कि अभी इस पर कोई ठोस टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश में इज ऑफ डूइंग बिजनेस और इज ऑफ लाइफ के लिए समग्र और तेज सुधारों पर ध्यान दे रहे हैं.

जीएसटी सुधार पर भी बोले गोयल
गोयल ने हाल ही में जीएसटी काउंसिल के फैसलों को भी इसी सुधार यात्रा का हिस्सा बताया. उनका कहना है कि टैक्स में छूट और दरों में कमी सिर्फ शुरुआत है, आने वाले समय में बड़े स्तर पर सुधार होंगे. कुल मिलाकर, सरकार का फोकस यही है कि चीन के साथ व्यापारिक संतुलन बनाया जाए, भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जाए और निवेश व व्यापारिक माहौल को और सुगम किया जाए.

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Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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चीन से व्‍यापार घाटा कम करने के मिशन पर मोदी सरकार, पीयूष गोयल ने बताया प्‍लान

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