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Comedy Artist Who Overshadowed Hero: छोटे-छोटे रोल से शुरुआत करने वाले इस एक्टर ने साबित किया कि अगर एक्टिंग में सच्चाई हो तो स्क्रीन पर मिनटों की मौजूदगी भी यादगार बन सकती है. उसकी एंट्री होते ही थिएटर में ठहाके गूंज उठते थे. यही वजह है कि बरसों बाद भी पुराने सिनेमा के प्रेमी जब वे फिल्में देखते हैं, तो मुस्कान अपने-आप चेहरे पर लौट आती है.

नई दिल्ली. 60 और 70 के दशक का वह सुनहरा दौर, जब कॉमेडी के मंच पर बड़े-बड़े नामों की धूम थी. फिर भी एक कलाकार ऐसा आया जिसने अपनी अलग चाल, भोली सूरत, हड़बड़ाती आवाज और कमाल की टाइमिंग से भीड़ में अपनी खास जगह बना ली. ‘पोपटलाल’ जैसा किरदार निभाकर उसने दर्शकों को इतना हंसाया कि कई बार फिल्म का हीरो भी पीछे छूट गया. फोटो साभार- रेडिट

हिन्दी सिनेमा के इतिहास में जब हास्य कलाकारों की बात होगी तो राजेंद्र नाथ का नाम अवश्य प्रमुखता से शामिल होगा. अपनी अनूठी कॉमिक टाइमिंग, चटपटी डायलॉग डिलिवरी और यादगार किरदारों के दम पर उन्होंने 1960-70 के दशक में दर्शकों के दिलों में एक अलग जगह बनाई. यह वह स्वर्णिम दौर था जब हिंदी फिल्मों में जॉनी वॉकर और महमूद जैसे मंझे हुए हास्य अभिनेता पहले से छाए हुए थे, लेकिन राजेंद्र नाथ ने अपनी अलग शैली की कॉमेडी से यह साबित कर दिया कि सितारों के बीच में भी पहचान बनाई जा सकती है. फोटो साभार-@IMDb

1961 में आई फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ में देव आनंद, आशा पारेख लीड रोल में थे. इस फिल्म में सहायक अभिनेता के तौर पर राजेंद्र नाथ थे, जिनके किरदार का नाम पोपटलाल था. देव आनंद के साथ उनकी शानदार केमिस्ट्री, हास्यपूर्ण टाइमिंग और पोपटलाल का वो आइकॉनिक लुक इतना हिट हुआ कि ‘पोपटलाल’ उनका दूसरा नाम बन गया. फाइल फोटो.
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इस फिल्म ने उन्हें घर-घर पहुंचाया और आगे की कई फिल्मों में सफलता दिलाई. राजेंद्र नाथ ने 200 से अधिक हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम किया. उनकी कॉमेडी आज भी पुरानी फिल्मों को देखने वाले दर्शकों को हंसाती है और हिन्दी सिनेमा के हास्य इतिहास में उनका योगदान अमर है.

करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने पृथ्वी थिएटर में काम किया, जो भी छोटे-मोटे रोल्स मिले उन्हें निभाया. उन्होंने आज के दौर के एक्टर को सीख दी है कि कभी भी छोटे या बड़े रोल्स की चिंता किए बगैर अपने प्रदर्शन पर ध्यान दो, अच्छा प्रदर्शन होगा तो सिनेमाघरों में तालियां जरूर बजेंगी. यह एक ऐसे हास्य के अभिनेता थे जो फिल्म के लीड रोल पर भी भारी पड़ते . वाडियो ग्रैब

60 और 70 के दशक में राजेंद्र नाथ हिंदी सिनेमा में बतौर हास्य कलाकार खुद को स्थापित कर चुके थे. वे उस दौर के सभी बड़े एक्टर के साथ फिल्म कर रहे थे, लेकिन इस कलाकार को भी हिंदी सिनेमा में स्थापित होने के लिए संघर्ष करना पड़ा.

राजेंद्र नाथ का जन्म 8 जून, 1931 को टीकमगढ़, मध्य प्रदेश में हुआ था. 13 फरवरी 2008 को उनका हार्ट अटैक से निधन हो गया. राजेंद्र नाथ की कॉमेडी आज भी पुरानी फिल्मों को देखते समय मुस्कान लाती है. ‘पोपटलाल’ का किरदार उनके करियर का सबसे चमकदार अध्याय बना रहा, जो हिंदी सिनेमा के हास्य इतिहास में हमेशा अमर रहेगा. फोटो साभार-@IMDb
February 13, 2026, 08:14 IST





