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बिंदू के नेगेटिव रोल और फिल्मी करियर की अनकही कहानी.

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फिल्मी दुनिया की वो खूबसूरत हसीना, जो हर बड़े स्टार के साथ काम कर चुकी हैं. फिल्मों में भले ही उनके रोल लोगों की आंखों में खटकते हो, लेकिन लोग चाहकर भी उनके निभाए किरदारों के जहन से मिटा नहीं पाए हैं. उनके निभाए नेगेटिव रोल का लोगों पर ऐसा असर होता था कि वह असल जिंदगी में लड़कियां अपने पतियों को उनसे दूर रहने की सलाह देती थीं.

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वो परमसुंदरी, जिसे देखते ही पत्नियां छिपा लेती थीं अपना पतिZoom

एक्ट्रेस ने हर रोल में फूंक दी जान (फोटो साभार: Instagram@binduscinematic/IANS)

नई दिल्ली. एक्टिंग की दुनिया की वो हसीना, जिसका कभी इंडस्ट्री में सिक्का चलता था. ये एक दौर में अपने सिजलिंग डांस और निगेटिव किरदारों से दर्शकों को फिल्मी पर्दे तक खींच लाती थीं. पद्मिनी कोल्हापुरे के साथ तो इस हसीना ने साल 1982 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म प्रेम रोग में भी काम किया था,जिसे लोग शायद ही कभी भूल पाएंगे.

अक्सर साइड रोल में नजर आने वाली वो एक्ट्रेस कोई और नहीं, जानी मानी एक्ट्रेस बिंदू हैं. उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं, जो अमर हो गए. लंबे वक्त से वह फिल्मी दुनिया से गायब हैं. एक वक्त में तो वह हर फिल्म का हिस्सा हुआ करती थी. उनके नेगेटिव रोल देखकर लोग इतना डरने लगे थे कि औंरते उन्हें देखते ही अपना पति छिपा लिया करती थीं.

क्यों नहीं बन सकी लीड हीरोइन?

यूं तो बिंदू ने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए थे. फिल्मों में उनका होना, उनके किरदारों की अहमियत का अंदाज आप इस बात से लगा सकते हैं कि वह हर फिल्मों में लोगों का ध्यान खींच लिया करती थीं. राजेश खन्ना की साल 1971 में आई फिल्म कंटी पतंग में तो उनका किरदार सीधा फिल्म की लीड हीरो आशा पारेख के अपोजिट दिखाया गया था. फिल्म में आशा पारेख प्रेम चोपड़ा से प्यार करती हैं. लेकिन वह एक ही कमरे में बिंदू के साथ पकड़ा जाता है. फिल्म में बिंदू के रोल की खूब वाहवाही की गई थी. अपने फिल्म अंदाज में बिंदू ने डांसर बनकर ही नहीं, वैंप बनकर भी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है.

बिंदू ज्चादातर नेगेटिव रोल में ही नजर आती थीं.

बतौर लीड हीरोइन क्यों नहीं चल पाया करियर

भले ही बिंदू ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बतौर लीड हीरोइन के तौर पर काम करने करने के लिए की थी. लेकिन लीड हीरोइन का चांस उन्हें कभी मिलते ही नहीं थे. वह अक्सर फिल्मों में वैंप या कहे कि नेगेटिव रोल में ही नजर आती थीं. क्योंकि अपने 4 दशक लंबे करियर में उन्होंने ज्यादातर नेगेटिवर रोल ही किए. वो वैंप बनने नहीं आई थी, इंड्स्ट्री ने उन्हें वैंप बना दिया.

बिंदू पर भरोसा करने से क्यों कतराती थीं औरतें

दरअसल, फिल्मों में बिंदू हमेशा हीरोइनों के पति या फिर दूसरी औरतों के पति पर डोरे डालती हुई नजर आती थीं. फिल्मों में उनके रोल देखकर लोग उन्हें खूब खरी खोटी सुनाते थे. एक बार तो बिंदू ने अपने रोल के बारे में खुलासा किया था कि उन्हें और उनके एक दोस्त को किसी पार्टी में साथ जाना था तो, उनके दोस्त की पत्नी ने कहा कि मुझे बिंदू पर भरोसा नहीं मैं उनके साथ नहीं भेजूंगी. इस बात का खुलासा एक्ट्रेस ने खुद किया था.

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Munish Kumar

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें

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