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Vijay Anand Deva Anand Relations : बॉलीवुड में कई एक्टर-डायरेक्टर के बीच के रिश्ते हैरान करने वाले हैं. इन रिश्तों की सच्चाई सबको चौंका देती है. बॉलीवुड के एक चर्चित और मशहूर एक्टर-डायरेक्टर तो अपने सगे भी ‘पापा’ कहते थे. इस डायरेक्टर-एक्टर की निजी जिंदगी इतनी विवादित रही कि अपनी सगी भांजी को ही अपनी पत्नी बना लिया था. समाज के नियमों की परवाह तक नहीं की.

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार देवानंद के भाई विजय आनंद उन्हें ‘पापा’ कहकर पुकारा करते थे. विजय आनंद ने रोमांटिक, कॉमेडी, थ्रिलर हर तरह की फिल्में की और अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया. वो अपने समय से आगे की फिल्में बनाते थे. डायरेक्टर-प्रॉड्यूसर चेतन आनंद और एक्टर देव के साथ मिलकर विजय आनंद ‘नवकेतन फिल्म्स’ प्रॉडक्शन हाउस में काम करते थे. उन्हें सिनेमा का जादूगर कहा जाता है. बॉलीवुड के बड़े-बड़े डायरेक्टर और फिल्म मेकर्स उनकी काबीलियत का लोहा मानते थे. उन्हें ‘फिल्म मेकिंग ऑफ इनसाइक्लोपीडिया’ कहते थे. 16 साल की उम्र से ही फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखने लगे थे. गोल्डी के नाम से भी मशहूर विजय आनंद ने 21 साल की उम्र में पहली फिल्म डायरेक्ट की थी.

वेटरन एक्ट्रेस वहीदा रहमान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मुझे लगता है कि सिर्फ गोल्डी ही देवानंद को संभाल सकते थे. देवानंद जब भी किसी सीन को करने से इनकार करते थे तो गोल्डी उनके पास जाया करते थे. देवानंद के पास जाकर गोल्डी कहते थे ‘पापा, मेरी बात तो सुनिए. वो बड़े भाई को पापा कहते थे. फिर सीन समझाते थे. बच्चों की तरह उन्हें समझाकर अपना काम करवा लेते थे.’

22 जनवरी 1934 को पंजाब के गुरदासपुर में जन्में विजय आनंद का कॉलेज के जमाने से ही नाटकों की स्क्रिप्ट लिखने लगे थे. विजय आनंद ने ‘गाइड’, ‘ज्वेल थीफ’ ‘तीसरी मंजिल’, ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘कोरा कागज; जैसी दर्जनों सुपरहिट फिल्में दी हैं. 90 के दशक में जासूसी धारावाहकि ‘तहकीकात’ में उन्होंने डिटेक्टिव की भूमिका निभाई थी.

विजय आनंद ने 1971 में ‘तेरे मेरे सपने’ फिल्म बड़ी उम्मीद के साथ बनाई थी. फिल्म सफल नहीं हुई. फिर ब्लेकमेल (1973), छुपा रुस्तम (1973), बुलेट (1976) भी बॉक्स ऑफिस पर फेल रहीं. इन फिल्मों की असलफता से विजय आनंद को गहरा धक्का लगा. वो डिप्रेशन में चले गए. फिर विनोद खन्ना और महेश भट्ट की तरह रजनीश ओशो के प्रभाव में आए.

1978 में उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों को ठेंगा दिखाते हुए अपनी ही भांजी सुषमा कोहली से शादी करके सबको चौंका दिया. सुषमा ने 2018 में एक इंटरव्यू के दौरान खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया था, ‘रोमांटिक फिल्म बनाने वाले विजय आनंद असल जिंदगी में बेहद शर्मीले थे. कभी गुस्सा नहीं करते थे. 1978 में ‘राम-बलराम’ की शूटिंग के दौरान शादी की थी. मैं उन्हें जानबूझकर चिढ़ाया करती थी.’

विजय आनंद ने पहली शादी लवलीन थडानी से हुई थी. बोल्ड रोमांटिक फिल्म ‘जान हाजिर है’ में काम करने के दौरान दोनों में प्यार हुआ था. 23 फरवरी 2004 को विजय आनंद का निधन हो गया था. विजय के बेटे वैभव आनंद हैं जो कि असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर कई फिल्मों में काम कर चुके हैं.
August 18, 2025, 15:54 IST





