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महाराष्ट्र में बारिश का दौर जारी है. हाल ही में गुजरात और पश्चिम बंगाल में हमने ऐसे ही हालात देखे, ऐसा क्यों है? सितंबर में भी इतनी बारिश क्यों हो रही है, आइए समझते हैं.
मराठवाड़ा में भारी बारिश से कई मकान ढह गए. (पीटीआई)महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही तेज बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. बारिश की वजह से अब तक कई लोग मौत का शिकार हो चुके हैं, सड़कों पर पानी भरा है और फसलें डूब गई हैं. कई इलाकों में घर ढहने, करंट लगने और पानी भरने जैसी घटनाओं की भी जानकारी मिल रही है. मौसम विभाग ने अभी और कुछ दिन बारिश होने का अलर्ट जारी किया है. हालांकि सितंबर के आखिर में इस तरह का मौसम लोगों के लिए पहेली बना हुआ है. ऐसा क्यों है, आखिर इस मौसम में इतनी बारिश के क्या कारण हैं? आइए समझते हैं.
September 30, 2025, 17:41 IST
आईएमडी के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से थोड़ा मजबूत रहा. इसकी मुख्य वजह थीं – जलवायु परिवर्तन, ला नीना का प्रभाव, और अरब सागर-बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तंत्र.
जलवायु परिवर्तन: अगर जलवायु परिवर्तन की बात करें तो इस बार ग्लोबल वॉर्मिंग से हवा में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे बारिश की तीव्रता 10-20% ज्यादा हो जाती है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय महासागर और अरब सागर से आने वाली नमी अब अनियमित रूप से गिर रही है. आईएमडी के मुताबिक यही वजह रही कि इस बार अगस्त 2025 में उत्तर भारत में सामान्य से 1200% ज्यादा बारिश हुई, जो जलवायु परिवर्तन का ही कारण है.
अल नीनो-ला नीना: अल नीनो का अर्थ प्रशांत महासागर के मध्य ओर पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का असामान्य तौर पर गर्म होना है, इससे मौसम चक्र प्रभावित होता है और बारिश कम होती है. मौसम की ये स्थिति सूखा लाने वाली भी हो सकती है, जबकि ला नीना इससे ठीक उल्टा होता है, यानी जब समुद्र की सतह सामान्य से ठंडी हो जाती है जो ज्यादा बारिश और ठंड के हालात बनते हैं. इस साल अल नीनो न आने की वजह से बारिश ज्यादा हुई. आईएमडी के मुताबिक अभी न्यूट्रल हालात हैं, यानी अभी ला नीना सक्रिय नहीं हुआ है, अगर ये सक्रिय हो जाता है तो बारिश और हो सकती है और ठंड भी परेशान कर सकती है.
आईएमडी के निदेशक के मुताबिक बेमौसम बारिश का कारण जलवायु परिवर्तन हैं, यही दक्षिण एशिया के मानसून को तीव्र बना रहा है. हालांकि आईएमडी का मानना है कि जल्द ही इन हालात से राहत मिल जाएगी. आईएमडी के अनुसार, मुंबई, ठाणे और पुणे में अलग-अलग जगहों पर अभी बारिश की संभावना है, इसके बाद पूर्वी भारत में 2-4 अक्टूबर तक अलग-अलग भारी बारिश हो सकती है. खासकर ओडिशा, बंगाल और बिहार में. मानसून वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन दिल्ली वह अन्य जगहों पर फुहार जारी रह सकती है.
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