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पिता किसान, मां आशा वर्कर, बेटी बनी IISER की छात्रा, पढ़ाई के लिए लिया कर्ज

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IISER Story: कुछ करने का जज्बा और जुनून हो, तो किसी भी हालात में खुद को निखारा जा सकता है. ऐसी ही कहानी सिमरन की है, जो आर्थिक हालातों से जुझते हुए भी IISER में एडमिशन पाने में सफल रही हैं.

पिता किसान, मां आशा वर्कर, बेटी बनी IISER की छात्रा, पढ़ाई के लिए लिया कर्जJEE IISER Story: आशा वर्कर की बेटी ने किया कमाल
IISER Story: अगर इरादा मजबूत हो, तो सफलता कदम चूमती है. यही बात सच साबित हुई है लुधियाना के सीनियर सेकेंडरी रेजिडेंशियल स्कूल की छात्रा सिमरन के साथ. वह प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), मोहाली में पांच साल के BS-MS डुअल डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश पाने में सफल रही हैं. यह उपलब्धि उनके स्कूल के लिए पहली बार हासिल की गई है. हालांकि, आर्थिक परेशानियां अब भी वैसी ही बनी हुई हैं.

आर्थिक कठिनाइयों के बीच मिली बड़ी सफलता

IISER में सीट पक्की करने वाले सिमरन जलालाबाद की रहने वाली है. सिमरन की इस उपलब्धि के पीछे परिवार की आर्थिक चुनौतियां भी हैं. उनके परिवार की आय सीमित है, इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए लगभग 8 लाख का एजुकेशन लोन लेना पड़ा है. सिमरन के पिता किसान हैं और मां आशा वर्कर के रूप में काम करती हैं. उनके दो भाई-बहन भी पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है.

पढ़ाई में निरंतर मेहनत और राज्यस्तरीय रैंक

सिमरन ने कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों में राज्य स्तर पर रैंक हासिल की है. उन्होंने जलालाबाद के एक सरकारी स्कूल से कक्षा 10वीं की पढ़ाई पूरी की, जो उन्होंने महामारी के दौरान आर्थिक तंगी के कारण बदली. इसके बाद उन्होंने लुधियाना के मेरिटोरियस स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की. सिमरन ने नॉन-मेडिकल स्ट्रीम चुनी और रिसर्चर बनने के सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की.

बिना स्कॉलरशिप के आर्थिक संघर्ष

सिमरन ने बताया कि राज्य सरकार से कोई स्कॉलर नहीं मिली है. इसलिए उन्हें अपने एजुकेशन लोन को चुकाने के लिए पूरी तरह से अपनी पढ़ाई पर निर्भर रहना पड़ता है. उन्होंने एक साल पढ़ाई छोड़कर JEE और IISER की तैयारी की और अब वे बेहतर प्रदर्शन करके स्कॉलर हासिल करने का प्रयास कर रही हैं. एचटी की एक रिपोर्ट के अनुसार स्कूल की प्रिंसिपल सतवंत कौर ने सिमरन की सफलता पर गर्व जताया और जिला शिक्षा अधिकारियों से आर्थिक मदद दिलाने की बात कही. हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) डिंपल मदान ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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Munna Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और News18 के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में News18 Hin…और पढ़ें

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और News18 के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में News18 Hin… और पढ़ें

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