इस्लामाबाद: ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की असलियत पूरी दुनिया के सामने खोलकर रख दी थी। पाकिस्तान में फल-फूल रहे आंतकवादियों के ठिकानों पर भारत ने ऐसी तबाही मचाई थी कि अजहर मसूद भी मरने की दुआ मांगने लगा था। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने हैवानियत दिखाते हुए भारत के निर्दोष नागरिकों को टारगेट किया था, जिसमें उसने अपने ‘दोस्तों’ की मदद भी ली थी। अब इन्हीं दोस्तों को भारत की जनता सजा दे रही है। हाल ही में 2 देशों का जो हाल सामने आया है, उसे देखकर साफ है कि किस तरह पाकिस्तान से दोस्ती उनके लिए ‘अभिशाप’ बन चुकी है।
पाकिस्तान के ‘पाप’ में कैसे बने भागीदार?
ऑपरेशन सिंदूर मई में लॉन्च किया गया था, जो अप्रैल में हुए पहलगाम अटैक का जवाब था। पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 टूरिस्ट्स को नाम पूछ-पूछ कर गोली मार दी थी। जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने चुन-चुन कर तबाह कर डाले थे। इस ऑपरेशन में 100 से भी ज्यादा आतंकवादी मारे गए। तिलमिलाकर पाकिस्तान ने अपनी असलियत दिखाई और भारत के मासूम नागरिकों पर ड्रोन और मिसाइल अटैक कर डाला।
इस दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को वो ड्रोन सप्लाई किए थे जिससे भारत के शहरों पर हमला किया गया था। अजरबैजान ने भी पाकिस्तान का समर्थन किया था और भारत के ऑपरेशन सिंदूर हवाई हमलों की सार्वजनिक रूप से ‘निंदा’ की थी।
Turkey और Azerbaijan के Tourism का हुआ ये हाल
7 से 10 मई तक चली जंग के बाद पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और DGMO ने सीजफायर की गुजारिश की। पाकिस्तान का जो हुआ सो हुआ लेकिन इस देश से दोस्ती निभाने के चक्कर में तुर्की और अजरबैजान ने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली। इस हरकत के बाद भारत के नागरिकों ने दोनों देशों में ट्रैवल का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। भारतीय टूरिस्ट्स का ये गुस्सा मेकमाईट्रिप और ईजमाईट्रिप जैसे डिजिटल ट्रैवल पोर्टल्स पर भी देखने को मिला।
नतीजा ये हुआ कि इस साल जून और अगस्त के बीच, अजरबैजान जाने वाले भारतीयों की संख्या में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 70% की गिरावट आई, जबकि तुर्की की यात्रा में 38% की गिरावट आई।
अजरबैजान में जून और अगस्त 2025 के बीच केवल 20,631 भारतीयों ने यात्रा की, जबकि 2024 में इन्हीं तीन महीनों के दौरान 69,576 भारतीयों ने यात्रा की थी।
जून 2025: 9,934 (vs जून 2024: 28,315 )
जुलाई 2025: 4,665 (vs जुलाई 2024: 20,124)
अगस्त 2025: 6,032 (vs अगस्त 2024: 21,137)
तीन महीने में कुल 49,000 से अधिक पर्यटक घट गए हैं।
तुर्की की आखें भी भारतीय पर्यटकों की राह देखते-देखते पथरा गईं। पिछले साल 93,963 से घटकर इस साल भारतीय टूरिस्ट्स की संख्या 58,544 रह गई, जो 38% की गिरावट है।
जून 2025: 24,250 (vs जून 2024: 38,307 last year)
July 2025: 16,825 (vs जुलाई 2024: 28,875)
August 2025: 17,649 (vs अगस्त 2024: 26,781)





