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पहले बादल फटा, फिर फ्लैश फ्लड आया, अब जम्‍मू में एक और आपदा से तबाही, आंसुओं के सैलाब में डूबे लोग – jammu kashmir reasi land sinks 50 houses damaged cloudburst flash flood destruction natural disaster latest news

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Reasi Natural Disaster News: नॉर्थ इंडिया इन दिनों प्रकृति के प्रकोप का सामना कर रहा है. मानसून बारिश ने इस कदर कहर बरपाया है कि हर तरफ त्राहिमाम मचा हुआ है. जम्‍मू संभाग के रियासी जिले से एक और आपदा ने लोगों क…और पढ़ें

पहले बादल फटा, फिर फ्लैश फ्लड आया, अब जम्‍मू में एक और आपदा से तबाहीजम्‍मू संभाग के रियासी जिले में जमीन धसने से हालात और खराब हो रहे हैं. (फाइल फोटो)
Reasi Natural Disaster News: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार देश के कई हिस्‍सों में जमकर तबाही मचाई है. पहाड़ से लेकर मैदान तक में हाहाकार मचा हुआ है. जम्‍मू-कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्‍ली आदि में बाढ़ ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. उच्‍च पवर्तीय राज्‍यों में फ्लैश फ्लड, लैंडस्‍लाइड और क्‍लाउडबर्स्‍ट ने ऐसा दर्द दिया है, जिसकी टीस स्‍थानीय लोग सालों तक महसूस करेंगे. जम्‍मू-कश्‍मीर के जम्‍मू संभाग में इस बार लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं. रामबन, कठुआ और रियासी में न सड़कें सुरक्ष‍ित बची हैं और न घर-मकान. अब रियासी जिले में एक और आपदा ने दस्‍तक दे दी है. जमीन धसने से दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचा है. नए संकट ने प्रशासन के साथ ही स्‍थानीय लोगों की समस्‍याओं को और बढ़ा दिया है.

जम्मू-कश्मीर के रेयासी जिले के महोर सब-डिवीजन में लगातार बारिश के कारण जमीन धसने की घटनाओं से दो पहाड़ी गांवों में 50 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर राहत शिविरों में ठहराया है. अधिकारियों ने बताया कि बग्गा जेम्सलान गांव में करीब 35 घरों को नुकसान पहुंचा. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने सभी परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें पास के सरकारी हाई स्कूल, मिडिल स्कूल और पंचायत घर में बनाए गए तीन राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया.

राहत शिविर में पनाह

इसी तरह, सरह गांव में जमीन धसने से 15 घर क्षतिग्रस्त हुए. यहां भी सभी प्रभावित परिवारों को समय रहते पंचायत घर स्थित राहत शिविर में पहुंचा दिया गया. रियासी की उपायुक्त (डीसी) निधि मलिक की सीधी निगरानी में प्रशासन ने हालात से निपटने के लिए त्वरित कदम उठाए. मौके पर महोर के एसडीएम शफक़त मजीद भट के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य की निगरानी की. अधिकारियों ने बताया कि सभी राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है. शिविरों में राशन, कंबल, गद्दे, तंबू, पेयजल और लगातार बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. प्रशासन का कहना है कि वह चौबीसों घंटे हालात पर नजर रख रहा है और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा व पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है.

संवेदनशील इलाकों पर खास नजर

लगातार हो रही बारिश और जमीन धसने की घटनाओं ने इलाके के लोगों में चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो. एक सीनियर अधिकारी ने बतया कि प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है. हमारी पहली प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और उन्हें तुरंत राहत उपलब्ध कराना है. फिलहाल जिले के संवेदनशील इलाकों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि भविष्य में किसी अन्य गांव को खतरे की स्थिति में तत्काल कदम उठाए जा सकें.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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