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कनाडा और जापान के वैज्ञानिकों ने समुद्र में ऐसा अजीब जीव खोजा है जो न पूरी तरह वायरस है, न कोशिका. इसका नाम ‘Sukunaarchaeum mirabile’ है.
समुद्र में मिला रहस्यमयी जीव.वैज्ञानिकों की नई खोज
कनाडा और जापान के वैज्ञानिक समुद्र में रहने वाले प्लवक (Marine Plankton) के डीएनए की जांच कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें एक अजीब-सा जेनेटिक सीक्वेंस मिला, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था. जब उन्होंने इसे और ध्यान से देखा तो पाया कि यह जीव Archaea नाम के समूह से जुड़ा है. यह वही प्राचीन सूक्ष्मजीवों (microorganisms) का समूह है, जिनसे आगे चलकर सारे जटिल जीव- पौधे, जानवर और इंसान तक- विकसित हुए माने जाते हैं.
न वायरस, न कोशिका – बीच का अजीब मामला
अब आता है इस जीव का सबसे दिलचस्प पहलू. Sukunaarchaeum mirabile न तो पूरी तरह वायरस है और न ही एक स्वतंत्र कोशिका (cell). वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह ऐसा जीव है जो ‘जीवित’ और ‘अजीव’ के बीच की सीमा पर खड़ा है.
वायरस की तरह, यह अपने ज्यादातर कामों के लिए अपने होस्ट यानी किसी दूसरे जीव पर निर्भर रहता है. ऊर्जा, भोजन, और अन्य जैविक क्रियाओं के लिए यह खुद कुछ नहीं करता. इसका डीएनए इतना छोटा और साधारण है कि इसमें सिर्फ वही जीन हैं जो खुद की कॉपी बनाने यानी प्रजनन के लिए जरूरी हैं. बाकी सारे काम यह अपने होस्ट से ‘उधार’ लेता है.
वैज्ञानिक भी उलझन में
वैज्ञानिकों का कहना है कि mirabile एक तरह की जैविक पहेली (biological paradox) है. यह न पूरी तरह से वायरस की तरह व्यवहार करता है, न ही किसी साधारण कोशिका की तरह. लेकिन इसका अस्तित्व बताता है कि जीवन की परिभाषा शायद उतनी सरल नहीं है जितनी हम समझते हैं.
एक कनाडाई शोधकर्ता के मुताबिक, “यह जीव हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या सच में कोई साफ़ रेखा है जो बताती है कि कौन ‘ज़िंदा’ है और कौन नहीं.”
New Delhi,Delhi
October 14, 2025, 15:54 IST





