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Gen-Z REVOLUTION: मार्च 2025 से नेपाल में राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शन हिंसक हुआ तो लोगों की जान भी गई. लगातार चीन की तरफ खास झुकाव वाली नेपाल की ओली सरकार के …और पढ़ें
नेपाल में गदर बेरोजगारी और भ्रष्टाचार ने हालात किए खराब
मौजूदा हालात पर नेपाल मामलों के जानकार पारुल चंद्रा का मानना है कि यह युवाओं का गुस्सा नेपाल की सरकार और उनकी नीतियों के खिलाफ है. भ्रष्टाचार के मामलों से भी नेपाल के युवा नाराज है. सत्ता में आने के बाद ओली सरकार जरूरी सुविधाएं, जैसे नौकरी और स्वास्थ्य, मुहैया नहीं करा पा रही थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवा अपनी आवाज उठा रहे थे और रील या पोस्ट को मोनेटाइज करके पैसे भी कमा रहे थे. लेकिन अब इन साइटों पर लगाम लगाने के लिए किसी तरह की गाइडलाइन नहीं बनाई गई, बल्कि कैबिनेट के जरिए इन्हें बंद कर दिया गया. हालात अच्छे नहीं हैं, फिलहाल लोगों की जाने गई है तो यह बवाल शायद जल्द ना रुके. बेरोजगारी की एक बड़ी वजह नेपाल की ओली सरकार का अड़ियल रवैया भी है जिसने भारतीय सेना के गोरखा रेजिमेंट नेपाली डोमेसाइल गोरखा की भर्ती तक नहीं होने नहीं दी. जिससे युवाओं के पास एक रोजगार का रास्ता था वह भी बंद हो गया.
नेपाल में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि चीन अपने गैरकानूनी काम को भी आसानी से कनूनी बना लेता है. चीन ने नेपाल को उस दिन से ही फंसाना शुरू कर दिया था जब वहां पर कम्यूनिस्ट सरकार आई. चीन ने तो नेपाल को अपने डिजिटल वॉलेट के जाल में भी फंसा लिया. अलीपे, चीन का सबसे बड़ा मोबाइल डिजिटल पेमेंट वॉलेट, दुनिया में जाना जाता है. इस अलीपे की शुरुआत नेपाल में काफी पहले से हो चुकी थी, लेकिन गैरकानूनी तौर पर. दरअसल, नेपाल में चीनी पर्यटकों के जरिए ये पेमेंट एप धड़ल्ले से चल रहे थे और नेपाल के टैक्स सिस्टम को बायपास कर रहे थे. लिहाजा नेपाल राष्ट्र बैंक ने इस पर साल 2019 में पाबंदी लगा दी थी. नेपाल की पाबंदी के बाद अलीपे और वीचैट ने डिजिटल पेमेंट के लिए आधिकारिक मंजूरी के लिए निवेदन किया. साल 2020 में नेपाल राष्ट्र बैंक ने इन दोनों प्लेटफॉर्म्स को मंजूरी दे दी. रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के हिमालयन बैंक के साथ मिलकर इस डिजिटल वॉलेट को ऑपरेट कर सकते हैं, लेकिन तब से लेकर अब तक यानी दो साल के भीतर जितनी लोकप्रियता इस अलीपे की होनी चाहिए थी, वो नहीं हुई.
पैसा देकर आदत खराब करता है चीन
चीन के सबसे बड़े डिजिटल वॉलेट को नेपाल में बढ़ावा देने के लिए चीनी कंपनी ग्राहकों को पैसों का लालच देने लगी. इस एप को बढ़ावा देने के लिए चीनी कंपनियों के अधिकारियों ने नेपाल के गांव-गांव और शहर-शहर का दौरा किया.खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक एक अकाउंट खोलने के एवज में 2000 नेपाली रुपये का लालच तक दिया. चीनी कंपनियों के अधिकारी अकाउंट खोलने के लिए नेपाली लोगों की जानकारियां जुटा रहे थे, जिसमें पासपोर्ट और फोटो शामिल थे. लिहाजा चीन को पैसे का लालच देकर इस एप को लोकप्रिय बनाने का रास्ता तलाशना पड़ा. और यह सब नेपाल की सरकार को भली भांती पता था. लेकिन चीन के प्रति उसका प्यार इस तरह के गैरकानूनी गतिविधियों के वक्त आंखे मूंद लेता है.
September 08, 2025, 18:49 IST





