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नेपाल के नेपो किड्स को फायदा देने 6 सच्ची कहानियां, जिससे भड़की वहां की जेन जेड

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नेपाल में अगर आप काठमांडु के मेयर बालेंद्र शाह बालेन का फेसबुक अकाउंट देखें तो वो इन शिकायतों से भरा पड़ा है कि किस तरह नेपो किड्स मौज कर रहे हैं. भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और आप कुछ करते क्यों नहीं. दरअसल नेपाल के जेन जेड पिछले करीब एक साल से बहुत गुस्से से भरी हुई थी. इस गुस्से को वो हैशटैग नेपोकिड के तौर पर सोशल मीडिया पर जाहिर कर रही थी. जब प्रधानमंत्री केपी शर्मा की सरकार जेन जेड के सोशल मीडिया आंदोलन को शांत करने के लिए इन पर बैन लगा दिया तो फिर गुस्सा बुरी तरह भड़क गया. हम आपको कुछ ऐसे सच्चे किस्से बताएंगे कि नेपाल के नेपो किड्स को वो कौन सी सच्ची कहानियां हैं, जिन्होंने गुस्सा बढ़ाया.

वैसे खुद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर आरोप लगा कि वो अपने रिश्तेदारों, नजदीकियों और परिचित नेताओं के बच्चों को फायदे देने की रेवड़ियां बांट रहे हैं. खुद भ्रष्टाचार में डूबते जा रहे हैं. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि ओली के करीबी नेताओं के बच्चे सरकारी ठेकों और नौकरियों में प्राथमिकता पा रहे थे, जबकि आम युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था. सोशल मीडिया पर ऐसी कहानियां खूब वायरल हुईं.

पिछले दो सालों में, कई Gen Z लड़के-लड़कियों ने नेपो किड्स के खिलाफ आंदोलन शुरू किया. वायरल वीडियोज, मीम्स और हैशटैग #NotMyNepal और #MeritOverLegacy ने बड़ी चर्चा बटोरी. इनमें कुछ युवा नेताओं ने छोटे – छोटे गांवों से लेकर बड़े शहरों तक कैंपेन चलाए. सोशल मीडिया पर उन्हें व्यापक समर्थन मिलने लगा. ये नाराजगी 2025 में हुए विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया पर #NepoKid और #NepoChild जैसे हैशटैग के जरिए उभरकर सामने आई.

नेपाल में कई प्रभावशाली नेताओं और धनी परिवारों के बच्चों ने सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल को खुलकर प्रदर्शन किया. महंगी गाड़ियां, विदेशी छुट्टियां और विशेष सुविधाएं. जो आम नेपाली जनता की पहुंच से बाहर थीं. देश आर्थिक बदहाली और और बेरोजगारी से जूझ रहा था. इसने भी युवाओं में गुस्सा भड़काया.

पहला किस्सा – बेटे को मंत्रालय में बड़ा अफसर बना दिया

नेपाल के बड़े राजनीतिक परिवारों में से एक से जुड़ी है ये कहानी. एक बड़े नेता के बेटे को बिना उपयुक्त योग्यता के सरकारी मंत्रालय में ऊंचे पद पर नियुक्ति दे दी गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नियुक्ति बिना उचित प्रक्रिया के हुई. जनता में जब ये बात फैली कि ये नियुक्ति केवल राजनीतिक परिवार के प्रभाव के कारण हुई है. तो सरकारी सेवा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे.

नेपाल में नागरिक समाज ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए. सोशल मीडिया पर #MeritNotNepotism ट्रेंड हुआ. सरकार को जांच बैठानी पड़ी लेकिन किसी सख्त सजा की बजाय मामूली सुधार के आदेश दिए गए. इससे युवाओं का विश्वास लोकतंत्र पर डगमगा गया.

दूसरा किस्सा – ग्लैमर इंडस्ट्री में नेपो किड्स का वर्चस्व

नेपाल की फिल्म इंडस्ट्री में एक उभरती अभिनेत्री के पिता मशहूर राजनेता थे. वह बिना किसी एक्टिंग ट्रेनिंग या अनुभव के बड़ी फिल्म में प्रमुख भूमिका के लिए चुनी गई. वहीं दूसरी ओर प्रतिभाशाली लेकिन गरीब परिवार से आने वाले कलाकारों को बड़े रोल्स के लिए चप्पले घिंसनी पड़ती हैं.

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युवा कलाकारों ने खुलकर विरोध किया. कई ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाए. यह बहस फिल्म इंडस्ट्री में नेपो किड्स की बढ़ती प्रवृत्ति पर केंद्रित हो गई. कुछ बड़े निर्माताओं ने मजबूर होकर नई ऑडिशन पॉलिसी बनाई लेकिन पारिवारिक प्रभाव का असर नहीं रुका.

किस्सा तीन – बैंक लोन और कॉन्ट्रैक्ट घोटाले

नेपाल के एक बड़े बैंक में ऊंचे पद पर बैठे अफसर के बेटे ने करोड़ों का लोन बिना उचित गारंटी या योग्यता के हासिल किया. बाद में रिपोर्ट्स आईं कि जो लोन लिया गया, उसके इस्तेमाल में भी गड़बड़ी की गई. जब मामले की जांच हुई, तो कई उच्च अधिकारियों का नाम सामने आया, लेकिन माफियाओं के प्रभाव से कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई.
मीडिया और जन आंदोलनों के दबाव से यह मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा. आम जनता में गहरी नाराजगी देखने को मिली. बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता की मांगें तेज हुईं. सरकार ने सुधार के नाम पर नए नियम तो बनाए, लेकिन वास्तविक बदलाव कमजोर साबित हुए.

नेपाल में हिंसा से मची तबाही.

किस्सा चार – कोलिशन पार्टनर्स के परिवारों को लाभ

ओली की सरकार नेपाली कांग्रेस के नेताओं के परिवारों को प्रमोट किया गया. श्रेया कार्की (राम चंद्र कार्की, पूर्व मंत्री और नेपाली कांग्रेस नेता की बेटी), विवेक शर्मा (जनार्दन शर्मा, पूर्व वित्त मंत्री और माओवादी नेता के बेटे), और तारा थापा (अर्जुन नरसिंह केसी, पूर्व मंत्री और नेपाली कांग्रेस नेता की बेटी) जैसे नेपो किड्स को राजनीतिक या सामाजिक अवसर मिलने की आलोचना हुई. ये सभी ओली की कोलिशन सरकार से जुड़े थे. अप्रैल 2024 में रिपोर्ट्स में कहा गया कि ओली ने पार्टी में अपने करीबियों के रिश्तेदारों को प्रमोट किया, जैसे कि पदों या व्यावसायिक अवसरों में. इससे पार्टी में फूट पड़ गई.

किस्सा पांच – मिस नेपाल श्रिंखला खटिवाड़ा का मामला

पूर्व मिस नेपाल श्रिंखला खटिवाड़ा पर आरोप है कि उन्हें मिस वर्ल्ड फाउंडेशन से 50,000 डॉलर मिले, जो उनके प्रोजेक्ट्स के लिए थे. उनके पिता स्वास्थ्य मंत्री थे. यह नेपोटिज्म का उदाहरण माना गया. यह मामला 2025 के नेपो किड ट्रेंड में प्रमुख था.

किस्सा 6 – एक युवा की दर्दनाक मौत

नेपाल में एक युवा लड़की उषा गरीब परिवार से थी. उसको एक सरकारी अधिकारी के बेटे ने कथित रूप से सड़क पर कुचल दिया. इस घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया. उषा की मौत ने युवाओं में गहरी नाराजगी और असमानता के खिलाफ संघर्ष की भावना को जागृत किया. इसने “नेपो किड्स” के खिलाफ आंदोलन को और भी बल दिया.

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