भारत » नीली बत्‍ती वाली कार, हथियार बंद जवान… अंबेसी वाले चचा पुराने हुए! अब पुलिस के हत्‍थे चढ़ा इंटरपोल गैंग – Noida Fake Interpol Office busted after Ghaziabad fake embassy Former Trinamool Leader Arrested

नीली बत्‍ती वाली कार, हथियार बंद जवान… अंबेसी वाले चचा पुराने हुए! अब पुलिस के हत्‍थे चढ़ा इंटरपोल गैंग – Noida Fake Interpol Office busted after Ghaziabad fake embassy Former Trinamool Leader Arrested

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Fake Interpol Office: गाजियाबाद के फर्जी अंबेसी कांड के बाद नोएडा में बिभास चंद्र अधिकारी को फर्जी इंटरपोल ऑफिस चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने नकली प्रमाणपत्र, चेकबुक, एटीएम कार्ड और नकद बरामद की…और पढ़ें

अंबेसी वाले चचा पुराने हुए! अब नोएडा में सामने आया फर्जी इंटरपोल गैंगनोएडा पुलिस ने एक्‍शन लिया. (File Photo)
गाजियाबाद में फर्जी अंबेसी कांड ने पिछले महीने खूब सुर्खियां बटोरी थी. अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए नोएडा में एक युवक फर्जी इंटरपोल दफ्तर के माध्‍यम से भोले-भाले लोगों को ठगी के आरोपों में अरेस्‍ट किया गया है. पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता बिभास चंद्र अधिकारी को गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने फर्जी इंटरपोल ऑफिस चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया. पुलिस का कहना है कि अधिकारी सिर्फ नोएडा ही नहीं बल्कि कोलकाता के बेलियाघाटा इलाके में भी इसी तरह का फर्जी  “इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो” ऑफिस दफ्तर चला रहा था.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, अधिकारी खुद को बड़े अफसर के तौर पर पेश करता था. उसकी गाड़ी पर नीली बत्ती लगी रहती थी और उनके साथ हथियारबंद लोग चलते थे, जिससे लोग उन्‍हें असली पुलिस समझ बैठते थे. कई पड़ोसी बताते हैं कि उन्होंने अधिकारी को पिछले महीने तक इलाके में देखा था. नोएडा में पकड़े गए इस गैंग में अधिकारी के बेटे समेत छह लोग शामिल थे. पुलिस ने छापेमारी में फर्जी पहचान पत्र, मंत्रालय के नाम पर बने नकली प्रमाणपत्र, चेकबुक, एटीएम कार्ड, विजिटिंग कार्ड, मोबाइल फोन, साइन बोर्ड और 42,300 रुपये नकद बरामद किए. डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी के मुताबिक ये लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते और उनसे पैसे वसूलते थे.

गौर करने वाली बात यह है कि बिभास चंद्र अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली ब्लॉक अध्यक्ष रहे हैं और पहले ही शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई व ईडी की जांच के घेरे में आ चुके हैं. ऐसे में बीजेपी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है. पार्टी का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के संरक्षण में ही ऐसे फर्जीवाड़े पनप रहे हैं और जनता को ठगा जा रहा है. पहले कथित तौर पर फर्जी एंबेसी से जुड़ा नाम, फिर अब फेक इंटरपोल ऑफिस—बिभास चंद्र अधिकारी का यह नया खुलासा न सिर्फ पुलिस बल्कि राजनीति के मंच पर भी बड़ा मुद्दा बन गया है. सवाल उठ रहा है कि क्या यह सब महज़ व्यक्तिगत ठगी है या फिर इसके पीछे कोई संगठित राजनीतिक नेटवर्क काम कर रहा है, जिसे अब बेनकाब करने की जरूरत है.

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Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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अंबेसी वाले चचा पुराने हुए! अब नोएडा में सामने आया फर्जी इंटरपोल गैंग

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