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आंखों का रंग आइरिस में मेलेनिन और जेनेटिक्स से तय होता है. भूरी, नीली, हरी आंखें विरासत, संस्कृति और प्रकृति का अनोखा मेल दर्शाती हैं. केट बोसवर्थ, मिला कुनिस उदाहरण हैं.
आपकी आंखों के रंग कैसे तय होते हैं?मेलेनिन का खेल: आंखों का रंग निर्धारित होता है आइरिस में, जो पुतली के चारों ओर रंगीन छल्ले जैसी संरचना है. इसमें मेलेनिन नामक पिगमेंट मुख्य भूमिका निभाता है. भूरी आंखों में मेलेनिन की मात्रा अधिक होती है, जो रोशनी को सोखकर गहरा रंग देता है. नीली आंखों में मेलेनिन बहुत कम होता है, और इनका रंग टिंडल प्रभाव से बनता है, जैसे आसमान नीला दिखता है. नीली रोशनी बिखरती है, और कम मेलेनिन के कारण यह रंग हावी हो जाता है. हरी आंखें मेलेनिन और प्रकाश बिखराव के संतुलन से बनती हैं, जबकि हेजल आंखों में मेलेनिन का असमान वितरण रंग को रोशनी के साथ बदलता दिखाता है.
बदलता रंग और अनोखी खासियत: वयस्कों में आंखों का रंग आमतौर पर स्थिर रहता है, लेकिन रोशनी, कपड़ों या पुतली के आकार से यह बदलता प्रतीत होता है. नीली-सलेटी आंखें कभी नीली, कभी हरी दिख सकती हैं. कुछ खास मेडिकल स्थिति भी रंग बदल सकती है. हेटरोक्रोमिया एक दुर्लभ स्थिति है, जहां एक आंख का रंग दूसरी से अलग या आइरिस में दो रंग दिखते हैं. हॉलीवुड अभिनेत्री केट बोसवर्थ और मिला कुनिस इसका उदाहरण हैं. गायक डेविड बोवी की आंखें चोट के कारण अलग रंग की दिखती थीं.
आंखें सिर्फ देखने का साधन नहीं, बल्कि इंसान को इंसान से जोड़ने का जरिया हैं. हर जोड़ी आंखें एक अनोखी कहानी कहती हैं- वंश, संस्कृति और प्रकृति के चमत्कार की. चाहे नीली, हरी, भूरी या कुछ और, हर आंख में एक छोटा सा ब्रह्मांड बसता है.

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व… और पढ़ें
September 15, 2025, 13:53 IST





