व्यापार » नए साल में कितना महंगा होगा घर खरीदना? कैसे घरों की रहेगी डिमांड? जानें एक्सपर्ट की राय how costly will it be to buy home in new year luxury or premium which type of houses demand will increase property prices in year 2026 by real estate analysts

नए साल में कितना महंगा होगा घर खरीदना? कैसे घरों की रहेगी डिमांड? जानें एक्सपर्ट की राय how costly will it be to buy home in new year luxury or premium which type of houses demand will increase property prices in year 2026 by real estate analysts

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Real Estate in Year 2026:  भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए साल 2025 मजबूती और भरोसे का साल साबित हुआ है. इस साल में सबसे बड़ा बदलाव जो देखने को मिला वह यह कि लोगों ने सामान्य 2 और 3 बीएचके घरों के बजाय लग्जरी और प्रीमियम घरों को सबसे ज्यादा पसंद किया. कई रियल एस्टेट मार्केट रिपोर्ट्स में सामने आया कि भारत में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के घरों की बिक्री सबसे ज्यादा हुई.
साल 2025 में देश के प्रमुख शहरों में रिहायशी संपत्तियों के कुल बिक्री मूल्य में करीब 9 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कुछ शहरों में यूनिट्स की संख्या में सीमित गिरावट भी हुई लेकिन कीमतों में निरंतर मजबूती बनी रही. दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बाजारों में प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की बढ़ती मांग ने बता दिया कि रियल एस्टेट में निवेश अब भरोसे का सौदा बन गया है.

सबसे खास बात थी कि रेजिडेंशियल रिहायशी बिक्री में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो कि काफी ज्यादा रही. यह संकेत था कि खरीदार बाजार से दूर नहीं हुए, बल्कि अब वे ज्यादा सोच-समझकर, भरोसेमंद डेवलपर और बेहतर लोकेशन वाले प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं.

हालांकि सबसे बड़ा सवाल है कि अब साल 2026 में प्रॉपर्टी के क्षेत्र में क्या होने वाला है? नए साल में घरों की कीमतें कितना बढ़ने या घटने वाली हैं और किस तरह के घरों की मांग इस साल में देखने को मिल सकती है?

2026 में कैसा रहेगा प्रॉपर्टी मार्केट, मांग और कीमतें

अब नजरें साल 2026 पर टिकी हैं. इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि आने वाले वर्ष में रियल एस्टेट बाजार और अधिक मजबूत हो सकता है. अधिकांश डेवलपर्स को उम्मीद है कि 2026 में घरों की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

रेपो रेट में हालिया कटौती का पूरा असर 2026 में देखने को मिल सकता है, जिससे होम लोन सस्ता होगा और एंड-यूजर डिमांड और तेज होगी. नौकरीपेशा वर्ग, अपग्रेडेशन करने वाले परिवार और लॉन्ग-टर्म निवेशक तीनों ही वर्ग बाजार की ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

क्या कह रहे एक्सपर्ट?

एक्जोटिका हाउसिंग के एमडी दिनेश जैन कहते हैं कि 2025 ने यह साफ कर दिया कि बाजार अब केवल लॉन्च की संख्या से नहीं, बल्कि डिलीवरी और भरोसे से आगे बढ़ रहा है. खरीदार ऐसे डेवलपर्स को चुन रहे हैं जिनका ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है. नए साल में लगभग यही पैटर्न रहने वाला है.

डिलीजेंट बिल्डर्स के सीओओ रिटायर्ड ले. कर्नल अश्विनी नागपाल कहते हैं कि ब्याज दरों में नरमी और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते 2026 में मिड और प्रीमियम सेगमेंट में स्थिर ग्रोथ देखने को मिलेगी. सामान्य घरों की ओर लोगों का झुकाव कम रहेगा.

केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल का मानना है कि साल 2025 एक मजबूत एंड-यूजर-ड्रिवन और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट सेक्टर के रूप में उभरा है. वहीं अब रेपो रेट में संभावित कटौती, स्थिर मांग और निरंतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने मिलकर 2026 के लिए एक भरोसेमंद और संतुलित ग्रोथ का माहौल तैयार किया है.

विज़न बिजनेस पार्क के फाउंडर वैभव अग्रवाल कहते हैं कि साल 2026 में न सिर्फ बड़े शहरों, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी संगठित डेवलपमेंट और रेजिडेंशियल व कॉमर्शियल प्रोजेक्टों की बिक्री में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो रेट में कटौती ने न सिर्फ खरीदारी के फैसले को तेज किया, बल्कि उन खरीदारों को भी बाजार में वापस बुलाया जो ऊंची ब्याज दरों के कारण लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. इसी वजह से साल के अंतिम महीनों में साइट विजिट और बुकिंग इन्क्वायरी में बढ़ोतरी देखने को मिली है.

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