Agency:एजेंसियां
Last Updated:
Comet near Earth: अक्टूबर में धूमकेतु SWAN धरती के पास से गुजरेगा. धूमकेतु शाम के आसमान में दिखाई देगा जिसे बिना टेलिस्कोप भी देखा जा सकेगा.
प्रतीकात्मक तस्वीरधूमकेतु की खोज और चमक
इस धूमकेतु को सबसे पहले यूक्रेनी एस्ट्रोनॉमर व्लादिमीर बेज़ुगली ने 10 सितंबर को देखा था. सूरज की गर्मी के कारण धूमकेतु में जमी हुई चीजें सीधे गैस में बदल गईं. यही गैस और धूल सूरज की हवा से फैलती है और धूमकेतु की लंबी चमकती पूंछ बनाती है. यही पूंछ हम सबको धूमकेतु की पहचान देती है.
12 सितंबर को यह धूमकेतु सूरज के सबसे नज़दीक पहुंचा, यानी लगभग 47 मिलियन मील की दूरी पर. इस दौरान इसका चमक स्तर 5.6 मैग्निट्यूड था. मतलब अगर आसमान बिलकुल साफ और अंधेरा हो, तो इसे बिना किसी उपकरण के भी हल्का सा देखा जा सकता है.
धूमकेतु को कैसे देखें
धूमकेतु की चमक को खगोलविद मैग्निट्यूड से मापते हैं. जितना कम मैग्निट्यूड, उतनी ज्यादा चमक. उदाहरण के लिए, सबसे चमकते सितारों की मैग्निट्यूड +1 होती है, जबकि पूर्णिमा और सूरज की चमक -13 और -27 होती है.
खगोलविदों का कहना है कि अक्टूबर में यह धूमकेतु शाम के आसमान में दिखाई देगा. सबसे अच्छा समय है सूर्यास्त के तुरंत बाद. 16 अक्टूबर को यह धूमकेतु Xi Serpentis नाम के सितारे के लगभग पाँच डिग्री ऊपर-बाएँ दिखाई देगा. अगर आप इस सितारे को पहचानने में मुश्किल महसूस करें, तो Stellarium या किसी stargazing app की मदद ले सकते हैं.
टेलिस्कोप और दूरबीन से देखना आसान
हालांकि, बिना टेलिस्कोप या दूरबीन के भी धूमकेतु देखना संभव है, लेकिन अगर आप इसके पूरे आकार और पूंछ की लंबाई को अच्छे से देखना चाहते हैं, तो टेलिस्कोप या दूरबीन इस्तेमाल करें. इससे धूमकेतु की चमक और रंग और साफ नजर आएंगे.
क्यों है यह खास
C/2025 R2 (SWAN) सिर्फ इसलिए खास नहीं है कि यह नज़दीक से गुजर रहा है, बल्कि इसलिए भी कि इसके उजाले और चमक को देखकर हमें ब्रह्मांड की खूबसूरती का एहसास होता है. छोटे-छोटे खगोल विज्ञान के शौकीन इससे बड़ी खुशी महसूस करेंगे.
New Delhi,Delhi
October 18, 2025, 18:31 IST





