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Vivek Mushran Untold Story: 1991 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सौदागर’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाले अभिनेता विवेक मुशरान की तुलना देव आनंद से की जाती थी, क्योंकि उनका चेहरा देव आनंद से काफी मिलता-जुलता था. सबको लगता था कि विवेक बॉलीवुड के अगले सुपरस्टार बनेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं क्योंकि किस्मत उनके साथ नहीं थी.

नई दिल्ली. आज हम आपको बॉलीवुड के एक ऐसे एक्टर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपनी पहली ही फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर छा गए थे. 1991 में बॉलीवुड में डेब्यू के साथ उन्होंने उस दौर के सारे सुपरस्टार को पछाड़ दिया था. बॉक्स ऑफिस पर कोई भी उन्हें टक्कर नहीं दे पाया था. हम बात कर रहे हैं एक्टर विवेक मुशरान की.

विवेक मुशरान ने 1991 में आई फिल्म ‘सौदागर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. इस फिल्म से वह रातोंरात मशहूर हो गए थे. विवेक के साथ-साथ यह एक्ट्रेस मनीषा कोइराला की भी डेब्यू फिल्म थी. वैसे तो यह फिल्म दिलीप कुमार और राज कुमार पर बेस्ड थी, लेकिन विवेक-मनीषा भी इसमें लीड रोल में नजर आए थे. विवेक फिल्म ‘सौदागर’ में दिलीप कुमार के पोते की भूमिका में थे.

इस फिल्म की रिलीज के बाद विवेक में लोग देवानद की छवि देखने लगे थे, क्योंकि उस वक्त विवेक दिखने में देवानंद की तरह ही लगते थे. इतना ही नहीं, फिल्म में विवेक की एक्टिंग देख इंडस्ट्री में इस बात की भी चर्चा हुई थी कि वह आगे चलकर बॉलीवुड के एक नए सुपरस्टार बन सकते हैं.

लेकिन, कहते हैं न कि हर चीज में आपकी मेहनत के साथ-साथ आपकी किस्मत का भी साथ होना जरूरी होता है, तभी आप अपने काम में सफल हो पाते हैं और विवेक के साथ ऐसा नहीं हुआ. उनकी किस्मत उनके साथ नहीं थी और इसी वजह से उनके फिल्मी करियर का ग्राफ धीरे-धीरे नीचे चला गया.

ऐसा नहीं था कि फिल्म ‘सौदागर’ के बाद उन्हें फिल्में नहीं मिली. उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन किसी भी फिल्म से उन्हें सफलता नहीं मिली. जब फिल्मों में उन्हें सफलता नहीं मिली तो उन्होंने अपना रुख टीवी की ओर किया, जहां वह अपनी पहचान बनाए रखने में सफल तो जरूर रहे, लेकिन करियर में कोई खास ऊंचाई नहीं मिली.

आज विवेक 56 साल के हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक शादी नहीं की. एक बार ईटाइम्स से खास बातचीत में विवेक ने कहा था, ‘मैंने शादी के बारे में नहीं सोचा था. यह हो सकता था, लेकिन चीजें वैसी नहीं हुईं जैसी मैंने उम्मीद की थी, लेकिन मुझे कोई पछतावा नहीं है.’

उन्होंने आगे कहा था, ‘मैं लंबे समय से खुशमिजाज इंसान रहा हूं, लेकिन इस समय मुझे एक साथी मिलना अच्छा लगेगा. मेरे दोस्त, जो शादीशुदा हैं, उन्हें लगता है कि मैं इस धरती का सबसे खुशकिस्मत और खुशमिजाज इंसान हूं. अगर शादी नहीं भी होती, तो मुझे एक साथी की जरूरत जरूर महसूस होती है.’

अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा था, ‘आखिरी बार मैं दो साल पहले किसी रिश्ते में था और तब से मैं ज्यादातर सिंगल ही रहा हूं. मैं शादी करना पसंद करूंगा, लेकिन अपनी खुशी के लिए, सामाजिक मानदंडों के कारण नहीं. इसमें कभी देर नहीं होती, लेकिन मेरे लिए, अभी या कभी नहीं.’
August 11, 2025, 17:16 IST





