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PM Modi Independence Day Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस बार का स्वतंत्रता दिवस का भाषण कई मायनों में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहा. पीएम मोदी ने ऐतिहासिक लाल किला से जो भाषण दिया, उसका सार भारत को हर मा…और पढ़ें
पीएम मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाले कई बड़े ऐलान किए.पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर से कहा, ‘मैं देश के युवाओं से कहता हूं कि अपने आइडियाज को कभी मरने मत देना. मैं आपके साथ खड़ा हूं. आपका साथी बनने के काम करने के लिए तैयार हूं. जो युवा मैन्युफैक्चरिंग के बारे में सोचते हैं वो अगर सरकार के नियमों में बदलाव चाहते हैं तो मुझे बताइए. हम एक भी पल अब गंवाना नहीं चाहते. जब सरकार और मैं स्वयं आपके साथ हूं तो हम नया इतिहास बना सकते हैं. साथियों आज नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन पर तेजी से काम हो रहा है. हमारे एमएसएमई का लोहा पूरी दुनिया मानती है. हमारे एमएसएमई के औजार पूरी दुनिया में जाते हैं. इसलिए उनकी शक्ति बढ़े.’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘आज कहना चाहता हूं कि हमें विश्व बाजार में अपने सामर्थ्य का लोहा मनवाना है तो हमें क्वालिटी बनाए रखनी है. हम सभी जो उत्पादन के क्षेत्र में लगे हैं उनका मंत्र होना चाहिए – दाम कम पर दम ज्यादा.’
देश को आगे ले जाने की अपील
चीन में चमत्कार करने वाले देंग शियाओ पिंग
आज से तकरीबन चार से पांच दशक पहले चीन ने जिस राह पर कदम बढ़ाया, उसने न केवल देश की अर्थव्यवस्था बल्कि वैश्विक आर्थिक मानचित्र को भी बदल दिया. इस ऐतिहासिक बदलाव के सूत्रधार थे देंग शियाओ पिंग. वह कम्युनिस्ट पार्टी के सीनियर लीडर थे, जिन्होंने 1978 से लेकर 1990 के दशक तक आर्थिक सुधारों की ऐसी श्रृंखला लागू की, जिसने चीन को मंद गति वाली कम्युनिस्ट अर्थव्यवस्था से तेजी से बढ़ती बाजार-उन्मुख शक्ति में बदल दिया. देंग के सुधारों का सार था – समाजवाद का चीनी संस्करण. उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि आर्थिक प्रगति के लिए पूंजीवादी नीतियों से सीखना आवश्यक है. देंग का प्रसिद्ध बयान था – बिल्ली काली हो या सफेद, अगर वह चूहे पकड़ती है तो अच्छी है.
कृषि से शुरुआत, उद्योग तक विस्तार
1978 में देंग शियाओ पिंग ने सबसे पहले कृषि क्षेत्र में सुधारों की घोषणा की. पीपुल्स कम्यून सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया गया और हाउसहोल्ड रिस्पॉन्सिबिलिटी सिस्टम लागू किया गया, जिसमें किसानों को अपनी उपज का एक हिस्सा राज्य को देने के बाद बाकी बाज़ार में बेचने की स्वतंत्रता मिली. इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उत्पादन और आय दोनों में तेज़ उछाल आया. इसके बाद सुधारों का फोकस उद्योग और विनिर्माण यानी मैन्यूफैक्चरिंग पर गया. राज्य-नियंत्रित उद्योगों के साथ-साथ निजी और सामूहिक स्वामित्व वाले उद्यमों को भी प्रोत्साहन दिया गया.

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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New Delhi,Delhi
August 15, 2025, 11:01 IST





