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तेजस्वी यादव का बेगूसराय में बड़ा दांव, बोगो सिंह आरजेडी में शामिल

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Bihar Chunav 2025: तेजस्वी यादव ने भूमिहारों के गढ़ में बड़ा खेल कर दिया है. बेगूसराय के कद्दावर भूमिहार नेता और जेडीयू के पूर्व विधायक बोगो सिंह अब आरजेडी में शामिल हो गए हैं. क्या 2025 के बिहार चुनाव से पहले …और पढ़ें

जहां उतर नहीं पाया लालू का हेलिकॉप्टर... तेजस्वी ने वहां कर दिया 'बड़ा खेल'बिहार के इस भूमिहार नेता को तेजस्वी ने पार्टी में शामिल कराया.

पटना. आरजेडी के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के बीच में ही बड़ा बम फोड़ दिया है. यह ‘बम’ बेशक बिहार की राजधानी पटना से तकरीबन 120-130 किलोमीटर की दूरी पर फूटा है, लेकिन इसकी गूंज बिहार चुनाव 2025 तक सुनाई देने वाली है. दरअसल, तेजस्वी यादव ने उस मिथ्या को खत्म करने की दिशा में पहला कदम चल दिया है, जिसमें कहा जाता है कि आऱजेडी भूमिहारों के लिए पार्टी नहीं है. तेजस्वी ने बेगूसराय से ही भूमिहार पॉलिटिक्स शुरू कर दिया है, जहां कभी उनके पिता लालू यादव का हेलिकॉप्टर नहीं उतर पाया था. बेगूसराय में लालू यादव की सभाओं में चप्पल-जूते चले थे. अब उसी बेगूसराय में तेजस्वी यादव ने एक बड़े भूमिहार नेता बोगो सिंह को आरजेडी में शामिल कर बड़ा मैसेज दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बोगो सिंह मटिहानी विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले हैं? बोगो सिंह के मटिहानी से चुनाव लड़ने पर बेगूसराय के साथ-साथ अगल-बगल के जिलों खगड़िया, लखीसराय और समस्तीपुर में भूमिहार वोटरों में आरजेडी सेंध लगाएगी?

बेगूसराय, जिसे कभी बिहार का ‘लेनिनग्राद’ कहा जाता था, अब एनडीए की मजबूत किला है. बेगूसराय भूमिहार जाति का गढ़ रहा है, जो बिहार की सवर्ण जातियों में प्रभावशाली है. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव का इस क्षेत्र से तनावपूर्ण संबंध रहा है. एक बार नहीं कई बार उनका हेलिकॉप्टर बेगूसराय में उतर नहीं पाया था. कई बार तो भीड़ ने जूते-चप्पल फेंके थे. यह घटना लालू की ‘भूराबाल साफ करो’ की रणनीति का प्रतीक बन गई थी. लेकिन अब, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, लालू के बेटे और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बेगूसराय में नया दांव खेला है. उन्होंने जदयू के पूर्व विधायक और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले भूमिहार नेता बोगो सिंह को अपनी पार्टी में शामिल कराकर सियासी समीकरण बदलने की कोशिश की है.

बेगूसराय में तेजस्वी ने कर दिया बड़ा खेल?

बेगूसराय की सात विधानसभा सीटों बेगूसराय, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, चेरिया बरियारपुर और बखरी में भूमिहार समुदाय का प्रभाव महत्वपूर्ण है. इस समुदाय की आबादी यहां 20 से 30 प्रतिशत तक है, लेकिन उनकी आर्थिक संपन्नता और संगठित राजनीतिक सक्रियता उन्हें निर्णायक बनाती है. बेगूसराय में यादव, मुस्लिम और अति-पिछड़ा वर्ग भी अहम हैं, लेकिन भूमिहारों का रुझान अक्सर चुनावी नतीजों को प्रभावित करता है.

कौन हैं बोगो सिंह?

बोगो सिंह बेगूसराय के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र से जदयू के पूर्व विधायक हैं. उनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ और भूमिहार समुदाय में स्वीकार्यता उन्हें एक महत्वपूर्ण नेता बनाती है. जदयू से उनकी नाराजगी ने उन्हें आरजेडी की ओर खींचा. तेजस्वी ने इस अवसर का फायदा उठाकर न केवल बोगो सिंह को पार्टी में शामिल किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आरजेडी अब सवर्णों, खासकर भूमिहारों, के लिए भी खुली है.

भूमिहार वोटरों पर कितना असर पड़ेगा?

बेगूसराय में यह कदम कई मायनों में अहम है. पहला, बोगो सिंह की मौजूदगी से मटिहानी और आसपास की सीटों पर आरजेडी को भूमिहार वोटों का एक हिस्सा मिल सकता है. दूसरा, यह जदयू को कमजोर करने की रणनीति है, क्योंकि बोगो सिंह का स्थानीय कार्यकर्ताओं पर प्रभाव जदयू के लिए नुकसानदायक हो सकता है. तीसरा, तेजस्वी की यह रणनीति बेगूसराय में आरजेडी की ‘MY’ छवि को तोड़कर व्यापक सामाजिक आधार बनाने की कोशिश है.

मटिहानी में बोगो सिंह की मजबूत पकड़ और उनकी छवि आरजेडी को कम से कम एक सीट पर मजबूती दे सकती है. हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं. पहला, भूमिहार समुदाय का बड़ा हिस्सा अभी भी बीजेपी के साथ है और तेजस्वी की ‘ए टू जेड’ रणनीति को बीजेपी ‘विक्टिम पॉलिटिक्स’ करार दे रही है. दूसरा, बेगूसराय में कन्हैया कुमार जैसे नेताओं की मौजूदगी, जो कांग्रेस के साथ हैं और भूमिहार समुदाय से आते हैं आरजेडी के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकती है. तीसरा, लालू की पुरानी छवि और ‘भूरा बाल’ नारे का असर अभी भी कुछ वोटरों के दिमाग में है, जो तेजस्वी के लिए विश्वास जीतने में बाधा बन सकता है. अनुमान है कि भूमिहार वोटों का 20-30% हिस्सा, जो पहले जदयू या बीजेपी को जाता था, अब बंट सकता है.

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रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें

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जहां उतर नहीं पाया लालू का हेलिकॉप्टर… तेजस्वी ने वहां कर दिया ‘बड़ा खेल’

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