भारत » तांत्रिक सिद्धियों से परिपूर्ण, गणेश भगवान के गले में नाग….उत्तरी भारत का वो इकलौता मंदिर, जिसे 500 साल पहले राजा ने बनवाया था

तांत्रिक सिद्धियों से परिपूर्ण, गणेश भगवान के गले में नाग….उत्तरी भारत का वो इकलौता मंदिर, जिसे 500 साल पहले राजा ने बनवाया था

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मंडी के सिद्ध गणपति मंदिर में गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, 6 सितंबर को ब्यास नदी में मूर्ति विसर्जन और भव्य शोभायात्रा होगी, भंडारे में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है.

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मंडी. उत्तरी भारत के इकलौते प्राचीन सिद्ध गणपति मंदिर मंडी में गणेश उत्सव की खासी धूम देखने को मिल रही है. यहां हर वर्ष गणेश उत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिलता है. श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां आकर भगवान गणेश की इस दिव्य मूर्ति के दर्शन करके आशीवार्द प्राप्त करते हैं.

मंडी के राजकीय पुरोहित एवं मंदिर के पुजारी पुष्प राज शर्मा ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण मंडी रियासत के राजा रहे राजा सिद्धसेन ने 1686 ई. में करवाया था. क्योंकि मंडी का राज परिवार बंगाल से संबंध रखता और तंत्र विद्या में अधिक विश्वास रखता था. इसलिए भगवान गणेश की इस मूर्ति को भी तंत्र सिद्धियों से स्थापित किया गया है. यह इकलौता मंदिर है जहां भगवान गणेश के गले में नाग देवता लिपटे हुए हैं. मंदिर पुजारी ने बताया कि मंदिर के साथ लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है और विघ्नहर्ता सभी की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं.

यहां भी स्थापित होती है गणेश प्रतिमा, रोज लगते हैं भंडारे

गणेश उत्सव के दौरान जो मूर्ति स्थापित करने की प्रथा चली आ रही है उसका निर्वहन यहां भी बीते करीब 34 वर्षों से किया जा रहा है. छोटी काशी में गणेश उत्सव की शुरूआत एक तरह से इसी मंदिर से हुई है. चतुर्थी से गणेश स्थापना के साथ शुरू हुआ यह महोत्सव चतुदर्शी तक उत्साह और हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाता है. रोजाना भंडारों का आयोजन करके भक्तों को भगवान का प्रसाद बांटा जाता है.

युवक मंडल सैण के सदस्य रेहान सैनी ने बताया कि उनका युवक मंडल हर वर्ष यहां भंडारे का आयोजन करता है. यह सभी के सामूहिक प्रयासों से होता है ताकि अधिक से अधिक लोगों तक प्रभु के प्रसाद को पहुंचाया जा सके.

6 को होगा विशाल भंडारा और फिर होगा विसर्जन

सिद्ध गणपति मंदिर में स्थापित मूर्ति का 6 सितंबर को ब्यास नदी के तट पर विसर्जन किया जाएगा. इससे पहले मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा और उपरांत इसके पूरे शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी. मंदिर ट्रस्ट ने लोगों से इस पूरे आयोजन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आहवान किया है.

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Vinod Kumar Katwal

Results-driven journalist with 14 years of experience in print and digital media. Proven track record of working with esteemed organizations such as Dainik Bhaskar, IANS, Punjab Kesari and Amar Ujala. Currently…और पढ़ें

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