विदेश » टूथब्रश, क्रीम, पाउडर… चोरी का सामान बेच इस देश को युवकों ने लगाया 100 करोड़ का चूना, सच जान पुलिस भी हैरान

टूथब्रश, क्रीम, पाउडर… चोरी का सामान बेच इस देश को युवकों ने लगाया 100 करोड़ का चूना, सच जान पुलिस भी हैरान

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मेलबर्न पुलिस ने ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी शॉपलिफ्टिंग गैंग में से एक का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह पर 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी करने का आरोप है. पुलिस ने इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. यह गिरोह बेबी फार्मूला मिल्‍क, दवा, विटामिन, स्किन केयर प्रोडक्‍ट, इलेक्ट्रिक टूथब्रश और प्रसाधन सामग्री जैसी चीज़ें चुराते. गिरोह एक नेटवर्क के जरिए चोरी का सामान अवैध तरीके से मुनाफे के लिए बेच देता था.

क्या-क्या चुराते थे?
यह गैंग पिछले पांच महीनों से मेलबर्न के बड़े सुपरमार्केट्स को निशाना बना रहा था. आरोपी दुकान से बेबी फ़ॉर्मूला, दवाइयाँ, विटामिन, स्किनकेयर प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिक टूथब्रश और रोज़मर्रा का सामान बड़ी मात्रा में चोरी कर लेते थे. बाद में इन सामानों को अवैध तरीके से बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे.

पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट था, जो नेटवर्क बनाकर काम कर रहा था. विक्टोरिया पुलिस की डिटेक्टिव एक्टिंग इंस्पेक्टर रैचेल चियावरेला ने कहा कि यह हमारे हाल के समय की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है. हमारी चेतावनी साफ है कि अगर आप हमारे रिटेल सेक्टर को निशाना बनाएंगे, तो हम आपको निशाना बनाएंगे.”

किसे-किसे पकड़ा गया?
गिरफ्तार किए गए लोगों में 21 से 54 साल तक की उम्र के 6 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं. इन पर लाखों डॉलर की चोरी का केस दर्ज हुआ है. पुलिस ने इस ऑपरेशन में ऑस्ट्रेलियन बॉर्डर फोर्स और कई बड़े रिटेलर्स के साथ मिलकर काम किया. जांचकर्ताओं ने लगातार निगरानी रखकर सही वक्त पर छापेमारी की और सिंडिकेट को पकड़ लिया.

आगे और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि अगर किसी को चोरी का सामान बेचने या ऐसे किसी नेटवर्क की जानकारी हो, तो तुरंत क्राइम स्टॉपर्स पर सूचना दें.

क्यों बढ़ रहा है रिटेल चोरी का अपराध?
विक्टोरिया में रिटेल चोरी तेजी से बढ़ रही है. पिछले एक साल में ही 41,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 38% ज्यादा है. इस पूरे ऑपरेशन को “ऑपरेशन सुपर्नोवा” नाम दिया गया था, जिसे बॉक्स हिल डिवीजनल रिस्पॉन्स यूनिट ने लीड किया.

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