भारत » टर्बुलेंस से टकराव तक… 2024 में हुए 95 प्‍लेन हादसे, ICAO की रिपोर्ट में 40% मौतों के लिए सामने आए ये 4 वजह – after Ahmedabad Plane Crash ICAO 2025 report sharp rise in air accidents and deaths in 2024

टर्बुलेंस से टकराव तक… 2024 में हुए 95 प्‍लेन हादसे, ICAO की रिपोर्ट में 40% मौतों के लिए सामने आए ये 4 वजह – after Ahmedabad Plane Crash ICAO 2025 report sharp rise in air accidents and deaths in 2024

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Plane Crash Report: अहमदाबाद में दो महीने पहले प्‍लेन क्रैश हुआ था ICAO की 2025 सुरक्षा रिपोर्ट में 2024 में हवाई हादसों और मौतों में तेज़ उछाल दर्ज हुआ. 95 हादसों में 296 मौतें हुईं. ICAO ने नई सुरक्षा योजनाओं…और पढ़ें

साल 2024 में हुए 95 प्‍लेन हादसे, 40% मौतों के लिए सामने आए ये 4 वजहविमान हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. (File Photo)
नई दिल्‍ली. अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) की 2025 की सुरक्षा रिपोर्ट ने वैश्विक विमानन जगत में चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में दुनिया भर में हवाई हादसों और मौतों में तेज़ उछाल दर्ज हुआ. पिछले साल कुल 95 हवाई हादसे हुए, जिनमें से 10 बड़े हादसों में 296 लोगों की जान गई. तुलना करें तो 2023 में 66 हादसे और केवल 72 मौतें हुई थीं.

रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 में हुई 40% मौतें और 25% हादसे चार वजहों से हुए

1. उड़ान के दौरान विमान का ज़मीन या पहाड़ से टकराना.

2. पायलट का उड़ान के दौरान विमान पर नियंत्रण खो देना.

3. हवा में दो विमानों का टकराना.

4. रनवे पर गलती से विमान का प्रवेश करना.

इसके अलावा,एयर टर्बुलेंस से यात्रियों को लगी गंभीर चोटों में भी तेज़ बढ़ोतरी दर्ज हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर चोटों के लगभग 75% मामले इसी कारण हुए, जो इस खतरे की गंभीरता को दर्शाता है.

क्षेत्रवार मौतों का आंकड़ा
सबसे अधिक मौतें एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हुईं, जिसके बाद दक्षिण अमेरिका और यूरोप/उत्तर अटलांटिक क्षेत्र का स्थान रहा. इन क्षेत्रों में उड़ानों की अधिक संख्या, विविध भूगोल और मौसम की चुनौतियां हादसों के खतरे को बढ़ाती हैं.

आईसीएओ की कार्रवाई और योजनाएं
हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ICAO ने कई नई सुरक्षा योजनाओं की घोषणा की है

  • रनवे सुरक्षा योजना: टेकऑफ़ और लैंडिंग के दौरान गलतियों को रोकने के लिए नई गाइडलाइंस.
  • तूफ़ानी हवाओं की चेतावनी तकनीक: उड़ान के दौरान वास्तविक समय में पायलटों को मौसम और हवा की स्थिति की जानकारी देना.
  • सुरक्षा डेटा साझाकरण: देशों और एयरलाइंस के बीच हादसों और सुरक्षा से जुड़े डेटा का आदान-प्रदान.
  • नई तकनीकों के लिए सहयोग: ड्रोन और उभरती विमानन तकनीक को सुरक्षित तरीके से संचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग.
  • रिपोर्ट साफ करती है कि बढ़ते हवाई यातायात, जलवायु परिवर्तन से जुड़े मौसमीय खतरे और संचालन संबंधी चूकें विमानन सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं. ICAO ने सभी देशों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करें और यात्रियों की जान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें.

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    Sandeep Gupta

    पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

    पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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    साल 2024 में हुए 95 प्‍लेन हादसे, 40% मौतों के लिए सामने आए ये 4 वजह

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