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जैश के 3 आतंकी बिहार में… राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर क्यों मंडराने लगा यह खतरा?- |

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Rahul Gandhi News: बिहार में जैश के तीन आतंकी नेपाल बॉर्डर से घुस गए हैं. खुफिया जानकारी मिलने के बाद बिहार पुलिस अलर्ट पर है. ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा रोक जी जाएगी?

जैश के 3 आतंकी बिहार में... 'वोटर अधिकार यात्रा' पर क्यों मंडरा रहा यह खतरा?जैश के 3 आतंकी बिहार में… राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर क्यों मंडरा रहा खतरा?

पटना. बिहार इन दिनों दो बड़े कारणों से सुर्खियों में है. एक तरफ विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, तो दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा देने वाली खबर सामने आई है. पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के तीन आतंकी नेपाल बॉर्डर पार करके बिहार में घुस आए हैं. इनके नाम हैं हसनैन अली, जो रावलपिंडी, आदिल हुसैन, जो उमेरकोट और मोहम्मद उस्मान जो बहावलपुर पाकिस्तान का रहने वाला है. ये तीनों पाकिस्तान नागरिक बिहार चुनाव में बड़ा खेल करने से घुसे हैं. ये तीनों नेपाल के रास्ते से बिहार में घुसे हैं. खास बात यह है कि यह खबर तब आई है जब राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा नेपाल से सटे सीतामढ़ी में पहुंच चुकी है. ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या खुफिया एजेंसियां अगर राहुल को यात्रा रोकने की सलाह देती है तो वह मानेंगे?

इस खबर के सामने आते ही पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. बिहार पुलिस ने इन आतंकियों के स्केच जारी किए हैं और सीमावर्ती जिलों जैसे सीतामढ़ी, मधुबनी और किशनगंज में सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ इन आतंकियों के निशाने पर है? क्या पीएम मोदी और अन्य नेताओं की सभाओं को भी इससे खतरा होगा. क्योंकि, पीएम मोदी एक बार फिर से सितंबर के आखिर में बिहार दौरे पर आने वाले हैं.

राहुल गांधी की यात्रा और खतरे की आशंका

राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ 17 अगस्त से शुरू हुई और अब तक कई जिलों से गुजर चुकी है. इस यात्रा का मकसद है चुनावों में कथित “वोट चोरी” के खिलाफ आवाज उठाना और आम जनता को उनके वोटिंग अधिकारों के प्रति जागरूक करना. इस यात्रा में कांग्रेस के बड़े नेता प्रियंका गांधी, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन और बिहार के नेता तेजस्वी यादव भी शामिल हो चुके हैं.

अब जब तीन आतंकियों की घुसपैठ की खबर आई है, तो यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं ये यात्रा जैश के निशाने पर तो नहीं है. इससे पहले भी, पुलवामा जैसे हमले चुनावों के वक्त ही हुए थे, जिससे पता चलता है कि जैश अक्सर हाई-प्रोफाइल राजनीतिक कार्यक्रमों को टारगेट करता है.

किन जगहों पर ज्यादा खतरा?

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल (जैसे पटना साहिब गुरुद्वारा, राम मंदिर), भीड़भाड़ वाले बाजार और चुनाव आयोग के दफ्तर जैसे स्थानों को संभावित टारगेट माना जा रहा है. छठ पूजा जैसे त्योहार भी नजदीक हैं, जहां भारी भीड़ होती है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है.

क्या यात्रा रोकी जाएगी?

फिलहाल राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से यात्रा रोकने की कोई घोषणा नहीं हुई है. राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि वे डर से पीछे नहीं हटेंगे और यात्रा “संविधान बचाने” की लड़ाई है. हालांकि, सुरक्षा कारणों से यात्रा के रूट बदले जा सकते हैं या कुछ हिस्सों को वर्चुअल मोड में भी किया जा सकता है.

बिहार में जैश के आतंकियों की मौजूदगी निश्चित ही एक गंभीर मुद्दा है, खासकर चुनाव जैसे संवेदनशील समय में. विपक्ष पहले से ही चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगा रहा है और ऐसे में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का महत्व और भी बढ़ गया है. हालांकि, यह भी जरूरी है कि जनता सतर्क रहे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दे. लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए जनता और नेताओं दोनों को सतर्क और जिम्मेदार रहना होगा.

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रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें

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