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अमेरिका और इजरायल के हमले में अली हुसैनी खामेनेई की मौत पर जावेद अख्तर पोस्ट लिखा है. उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को बुलीज बताया है. उन्होंने अमेरिका-इजराइल से भिड़ने के लिए चीन को विकल्प बताया. उन्होंने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने इस बार हदें पार कर दी हैं.

जावेद अख्तर ने अमेरिका-इजराइयल की आलोचना की. (फाइल फोटो)
मुंबई. अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली हुसैनी खामेनेई के मारे जाने का असर सिर्फ ईरान में ही नहीं, बल्कि कतर, सऊदी अरब, इराक और भारत में भी देखने को मिल रहा है. भारत में भी विशेष वर्ग इस हमले को निंदनीय बताते हुए पीएम मोदी के हस्तक्षेप की मांग कर रहा है, लेकिन इसी बीच गीतकार और लेखक जावेद अख्तर को चीन की याद आ रही है. ईरान पर हमला करने के लिए जावेद ने अमेरिका और इजरायल की आलोचना की है. उनका मानना है कि अब समय आ चुका है कि अमेरिका और इजरायल सीमित किया जाए और उसके लिए उन्होंने चीन को आखिरी विकल्प बताया है.
जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे लगता है कि इस बार ट्रंप और इजरायल ने हद पार कर दी है, क्योंकि अगर उन्हें इस दुस्साहस को जारी रखने और ईरान के साथ इराक जैसा बर्ताव करने की छूट दी गई, तो चीन विश्व में अपनी सारी विश्वसनीयता खो देगा.”
जावेद अख्तर का पोस्ट और रिएक्शन. (फोटो साभारः एक्स)
जावेद अख्तर ने आगे लिखा, “नेतन्याहू और ट्रंप जैसे बदमाश दूसरों को दीवार तक धकेल चुके हैं और आखिरकार दूसरों के पास निर्णायक तरीके से प्रतिक्रिया देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.” जावेद के पोस्ट पर यूजर्स भी अपनी राय रख रहे हैं. कुछ यूजर्स का कहना है कि अमेरिका और इजरायल दोनों पर अंकुश लगाना जरूरी है, क्योंकि अगला निशाना भारत भी हो सकता है, जबकि कुछ यूजर्स जावेद को क्राई बेबी कह रहे हैं. उनका कहना है कि विशेष वर्ग से आने की वजह से उन्हें ईरान पर दया आ रही है.
जावेद अख्तर ने चीन को लेकर बताया अपनी अंदाजा
जावेद अख्तर ने एक यूजर के कमेंट्स पर प्रतिक्रिया भी दी है. अभिषेक रंजन नाम के एक यूजर ने लिखा, “चीन से बात कीजिए सर, उन्हें जल्द से जल्द कुछ करने के लिए बोलिए.” जावेद ने इसके रिप्लाई में लिखा,”तुम्हें और मुझे उन्हें कुछ बताने की जरूरत नहीं है. यह मेरा अंदाजा है. चलिए देखते हैं क्या होता है.”
जावेद अख्तर ने तालिबानियों के विरोध में किया था पोस्ट
इससे पहले जावेद अख्तर ने तालिबानियों के विरोध में पोस्ट डाला था और उन्हें दुनिया का सबसे नीच लोग करार दिया था. उन्होंने कहा था, “चाहे राजनीतिक स्वार्थ कुछ भी हो, इन असभ्य और बर्बर तालिबानियों को हमें किसी भी प्रकार की विश्वसनीयता या सम्मान नहीं देना चाहिए. वे दुनिया के सबसे नीच लोग हैं.” बता दें कि चाहे देश के आंतरिक मुद्दे हो या फिर बाहरी, जावेद अख्तर हर मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं. वह राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय देने से पीछे नहीं हटते.
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें
Mumbai,Maharashtra
March 02, 2026, 10:43 IST





