दरअसल, गुरुवार दोपहर को घायल अभिनव को कुल्लू से एम्स बिलासपुर के लिए रेफर किया गया तो नेशनल हाईवे अथ़ॉरिटी सहित प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती थी. क्योंकि, चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर जगह जगह लैंडस्लाइड हुए थे. लेकिन सारी बाधाओं को पार करते हुए रिकार्ड समय के भीतर घायल को कुल्लू से एम्स बिलासपुर पहुंचानाया गया.
चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे, मंडी जिला में औट से लेकर पंडोह तक औट, झलोगी और दवाड़ा के पास बंद पड़ा था. जैसे ही एनएचएआई को मरीज को ले जाने का आदेश प्राप्त हुआ तो प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने कुल्लू से लेकर बिलासपुर तक फोरलेन पर 40 मशीनें, दो एम्बुलेंस और एक एस्कॉर्ट व्हीकल तैनात करवा दी.
पहले एनएचएआई ने बंद पड़े स्थानों पर घायल को शिफ्ट करके लाने की योजना बनाई, लेकिन बाद में मलबा हटाकर हाईवे को बहाल करने का ही साहसिक कार्य कर डाला. मलबा हटाते वक्त दो मशीनों पर पत्थर भी गिरे, लेकिन ऑपरेटरों को कोई चोट नहीं लगी. फटाफट से मलबा हटाकर एम्बुलेंस को निकालकर आगे रवाना किया गया. कुल्लू से 2 बजे निकली एम्बुलेंस को पुलिस की पायलट व्हीकल के साथ शाम 5 बजे एम्स बिलासपुर पहुंचा दिया गया.
हाईवे की हालत बेहद खराब, आज से बहाली का काम
गौरतलब दें कि मंडी जिला में नेशनल हाईवे पंडोह से लेकर औट तक काफी दयनीय स्थिति में है. यहां लगातार हो रही बारिश के कारण इसे बहाल कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है लेकिन एनएचएआई ने एक एम्बुलेंस को निकालने के लिए जिस तरह से जोखिम उठाकर सड़क को खुलवाया है, वह तारीफ-ए-काबिल है. अब शुक्रवार को धूप खिली है और ऐसे में हाईवे को खोलने के प्रयास तेज किए जाएंगे.





