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Gurugram Vs Manila Waterlogging and Action: गुरुग्राम में भारी बारिश से शहर ठप हो गया. लेकिन प्रशासन और नगर निगम ने कोई जवाबदेही तय नहीं की. उधर सैकड़ों मील दूर एक शहर मनीला में बाढ़ को लेकर सख्त कार्रवाई हुई. …और पढ़ें
सोमवार को गुरुग्राम में भारी बारिश के कारण जिंदगी नरक बन गई.मनीला में सरकार-प्रशासन की सख्ती गुरुग्राम की लापरवाही के सामने एक आईना है. मनीला में अगस्त में तूफान काओमी के बाद भारी बारिश और बाढ़ आई, जिसमें 10 से ज्यादा लोग मारे गए और लाखों प्रभावित हुए. शहर में जगह-जगह पानी भर गया. लेकिन वहां की सरकार ने तुरंत एक्शन लिया. सीनेट ब्लू रिबन कमिटी ने फ्लड कंट्रोल प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं की जांच शुरू की, जहां 15 ठेकेदारों ने 545 बिलियन पेसो (करीब 7,500 करोड़ रुपये) के फंड में से 20 फीसदी कमिशनखोरी की थी.
रिश्वतखोरी के आरोप लगे
राष्ट्रपति फर्डिनैंड मार्कोस जूनियर ने खुद ऑडिट का आदेश दिया और पब्लिक को रिपोर्ट करने के लिए वेबसाइट लॉन्च कर दी. यह कदम न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का प्रयास है, बल्कि जनता को सशक्त बनाने की भी कोशिश है. सीनेटर इर्विन तुल्फो ने इसे ग्रैंड रोबरी कहा कि 20-25 फीसदी की रिश्वतखोरी से असली काम पर सिर्फ 30-40 फीसदी फंड बचा. मनीला की यह कार्रवाई दिखाती है कि जब जवाबदेही तय नहीं होती है तब बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही का परिणाम बन जाती है.
लोग घुटनों तक पानी में चलते हुए घर लौटे, वाहन डूबते देखे गए और बिजली-पानी की सप्लाई ठप हो गई. लेकिन क्या हुआ? म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ गुरुग्राम (MCG) ने स्पेशल एक्शन प्लान की बात कही थी, 20 सेक्शन टैंकर तैनात किए गए थे, डिसिल्टिंग का दावा किया गया था लेकिन सब फेल साबित हुए. बावजूद इसके किसी ठेकेदार या अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई.

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स… और पढ़ें
September 02, 2025, 13:40 IST





