भारत » क्या होती है थप्पड़ मारने की सजा? लेकिन दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के हमलावर पर लगाई गईं गंभीर धाराएं

क्या होती है थप्पड़ मारने की सजा? लेकिन दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के हमलावर पर लगाई गईं गंभीर धाराएं

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Delhi CM Rekha Gupta slapped: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को जन सुनवाई के दौरान थप्पड़ मारने वाले राजेश खिमजी को गिरफ्तार किया गया. बीएनएस के तहत दोषी को 1 साल की जेल या 10,000 रुपये जुर्माना हो सकता है.

क्या है थप्पड़ मारने की सजा? लेकिन सीएम के हमलावर पर लगाई गईं गंभीर धाराएंदिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले शख्स को हो सकती है कितनी सजा.
Delhi CM Rekha Gupta slapped: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सिविल लाइंस स्थित उनके सरकारी आवास पर आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान थप्पड़ मारा गया. दिल्ली पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. कार्यक्रम में शिकायतकर्ता के वेश में मौजूद आरोपी ने अपना नाम राजेश खिमजी बताया. रेखा गुप्ता पर हमला बुधवार की सुबह हुआ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने बताया है कि आरोपी ने जनसुनवाई के दौरान पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को कुछ कागज दिए और फिर उन पर हमला कर दिया. वरिष्ठ भाजपा नेता हरीश खुराना ने एक चैनल को बताया कि हमलावर ने मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा और उनके बाल भी खींचे.

थप्पड़ मारने पर हो सकती है कितनी सजा?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत किसी को थप्पड़ मारना एक अपराध है. इसे ‘जानबूझकर चोट पहुंचाना’ (Voluntarily Causing Hurt) माना जाता है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 के तहत थप्पड़ मारने के मामले में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है. यह धारा ‘जानबूझकर चोट पहुंचाना’ से संबंधित है. दोषी पाए जाने पर अधिकतम 1 साल तक की जेल हो सकती है. या 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. दोषी को जेल और जुर्माना दोनों की सजा भी दी जा सकती है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और उस पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है. 

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परिस्थितियों के आधार पर तय होगी सजा
अपराध की गंभीरता और परिस्थितियों के आधार पर सजा अलग हो सकती है. यदि थप्पड़ मारने से किसी सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य का पालन करने से रोका जाता है. तो इसके लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 (पहले IPC की धारा 353) के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है. जिसमें दो साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. यदि यह किसी अन्य गंभीर अपराध, जैसे लूट या डकैती के दौरान किया जाता है तो सजा और भी कठोर हो सकती है.

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पहले ये होता था, अब होगा ये
थप्पड़ और धक्का-मुक्की की घटना में पुलिस सीआरपीसी की दफा 107/51 के तहत निवारक कार्रवाई करती थी. इसके तहत आरोपी को डयूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता था. जहां उसे मौके पर ही एक साल तक नेक चाल-चलन की चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता था. लेकिन अब स्थिति के अनुसार इनमें कुछ अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. इन धाराओं के तहत केस दर्ज होने के बाद पुलिस जांच अधिकारी सबूत एकत्रित करेगा. केस कोर्ट में चलेगा और दोषी पाए जाने पर एक साल तक की सजा व जुर्माना भी हो सकता है.

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रेखा गुप्ता पर कैसे हुआ हमला?
दिल्ली के सीएमओ ने विस्तार से बताया है कि रेखा गुप्ता पर कथित हमला कैसे हुआ. सीएम कार्यालय के लोगों के अनुसार, सीएम रेखा गुप्ता नागरिकों से बातचीत कर रही थीं और उनकी शिकायतें सुन रही थीं. तभी लगभग 30 साल का एक आदमी अचानक आगे बढ़ा, सीएम को एक कागज थमा दिया. फिर वह ऊंची आवाज में बात करने लगा और सीएम को थप्पड़ मारने से पहले गालियां भी दीं. मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को काबू में कर लिया और उसे हिरासत में ले लिया. हमले का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है.

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