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बॉलीवुड ‘मस्त-मस्त’ गर्ल रवीना टंडन ने हाल ही में एक पुराना राज खोला है. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने खास दोस्त करण जौहर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का ऑफर ठुकरा दिया था. रवीना का मानना था कि उस वक्त करियर के जिस मुकाम पर वो थीं, वहां सेकंड लीड रोल करना उनके लिए पीछे हटने जैसा होता. हालांकि, उन्होंने बड़े दिल से यह भी माना कि यह फिल्म रानी मुखर्जी के लिए एकदम सही साबित हुई. रवीना के मुताबिक, एक नए चेहरे के तौर पर रानी ने उस किरदार में जान फूंक दी, लेकिन उनके जैसे स्थापित हीरोइन के लिए यह फैसला लेना काफी मुश्किल और रिस्की था.

रवीना टंडन ने सालों बाद ‘कुछ कुछ होता है’ फिल्म पर की बात.
नई दिल्ली. रवीना टंडन 90 के दशक की टॉप हीरोइनों में शुमार रही हैं. उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों को रिजेक्ट किया है. रवीना ने हाल ही में बताया कि अपने करीबी दोस्त करण जौहर की डेब्यू फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का ऑफर उन्होंने ठुकरा दिया था. रवीना के मुताबिक, वह करण की दोस्ती की बहुत कद्र करती थीं, लेकिन उस वक्त करियर के जिस मुकाम पर वो थीं, वहां सेकंड लीड रोल करना उन्हें मंजूर नहीं था. ‘मोहरा’ जैसी हिट फिल्में देने के बाद वह केवल सोलो लीड के तौर पर ही अपनी पहचान बरकरार रखना चाहती थीं.
रिजेक्ट कर दी थी करण जौहर की फिल्म
जूम को दिए इंटरव्यू में रवीना टंडन ने उस दौर को याद किया, जब उन्होंने अपने करीबी दोस्त करण जौहर की पहली फिल्म ठुकरा दी थी. रवीना ने साफ किया कि वह करण के प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना चाहती थीं, लेकिन उस वक्त उनके करियर की प्लानिंग कुछ और ही थी. ‘मोहरा’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने के बाद वह पर्दे पर सेकंड लीड के तौर पर वापसी करने के पक्ष में नहीं थीं.
किस वजह से ‘कुछ कुछ होता है’ को किया था मना?
रवीना ने खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा, ‘कुछ फिल्मों को ना कहने के पीछे मेरी अपनी ठोस वजहें थीं. जैसे ‘कुछ कुछ होता है’ को ही ले लीजिए, करण आज भी मुझसे कहते हैं कि तुमने मेरी पहली फिल्म नहीं की. मैं उन्हें हमेशा यही समझाती हूं कि मैं वह फिल्म जरूर करना चाहती थी, आखिर वह मेरे दोस्त हैं. लेकिन उस वक्त करियर के जिस मुकाम पर मैंने मोहरा जैसी फिल्म दी थी, वहां से दोबारा शुरुआत करने के लिए मैं सेकंड लीड रोल नहीं चुन सकती थी.’
सोलो हीरोइन के रोल करना चाहती थीं रवीना टंडन
रवीना टंडन ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, ‘मेरे लिए यह बहुत जरूरी था कि भले ही मुझे फिल्म में सिर्फ पांच सीन और पांच गाने मिलें, लेकिन मैं एक सोलो हीरोइन के तौर पर ही वापसी करूं. उस दौर में अपने करियर को दोबारा उसी मुकाम से शुरू करना बहुत बड़ी चुनौती थी, लेकिन मैंने ठान लिया था कि मुझे यही रास्ता चुनना है. रानी मुखर्जी के लिए वह रोल इसलिए फिट बैठा क्योंकि वह एक नया और फ्रेश चेहरा थीं, लेकिन मेरे लिए अपनी बनी-बनाई इमेज को पीछे छोड़कर फिर से शुरुआत करना एक बेहद मुश्किल फैसला था.
इन सुपरहिट गानों ने रवीना टंडन को बनाया टॉप हीरोइन
बताते चलें कि ‘पत्थर के फूल’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाली रवीना टंडन ने ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’, ‘टिप टिप बरसा पानी’ और ‘शहर की लड़की’ जैसे गानों से हर तरफ धमाका कर दिया था. इन गानों की कामयाबी का आलम यह था कि रवीना को बेहतरीन किरदारों के बजाय सिर्फ स्पेशल डांस नंबर्स के ऑफर मिलने लगे थे. लेकिन रवीना खुद को सिर्फ एक डांसिंग स्टार के खांचे में कैद नहीं करना चाहती थीं. अपनी पहचान एक लीड एक्ट्रेस के तौर पर बनाए रखने के लिए उन्होंने कई बड़े ऑफर्स को ठुकरा दिया.
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साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें
February 17, 2026, 12:33 IST





