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कंबोडिया में फर्जी इंडियन पुलिस स्‍टेशन, भारतीय युवाओं के लिए नर्क, पुलिस के ताबड़तोड़ एक्‍शन से हड़कंप – cambodia international cyber fraud slavery racket 190 centre sealed more action follow

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कंबोडिया में फर्जी इंडियन पुलिस स्‍टेशन, भारतीय युवाओं के लिए नर्क, अब एक्‍शन

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Cyber Fraud Gang: साइबर फ्रॉड आज की सच्‍चाई बन गई है. जालसाज पहले लोगों को तरह-तरह का झांसा देकर लोगों को अपनी जाल में फंसाते हैं, फिर उनकी जिदंगी को नर्क से भी बदतर बना देते हैं. ऐसे ही एक गैंग का खुलासा किया गया है. कंबोडिया के सुरक्षाबलों ने ताबड़तोड़ एक्‍शन लेते हुए कई अपराधियों को पकड़ा है.

कंबोडिया में फर्जी इंडियन पुलिस स्‍टेशन, भारतीय युवाओं के लिए नर्क, अब एक्‍शनZoom

Cyber Fraud Gang: न्यूज18 इंडिया के खुलासे के बाद कंबोडिया में गैंग के खिलाफ व्‍यापक कार्रवाई की गई है. उनके ठिकानों पर छापेमारी कर उन्‍हें सील कर दिया गया है. (फाइल फोटो)

Cyber Fraud Gang: कंबोडिया में चल रहे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और साइबर स्लेवरी रैकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए वहां की सरकार ने करीब 200 संदिग्ध स्कैम सेंटर्स पर शिकंजा कस दिया है. न्यूज18 इंडिया द्वारा इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने के बाद कंबोडिया पुलिस ने व्यापक अभियान चलाते हुए 190 ठिकानों को सील कर दिया. इन कॉल सेंटर्स में भारतीय युवाओं को बंधक बनाकर उनसे भारत में साइबर फ्रॉड करवाए जाने की बात सामने आई थी. न्यूज18 इंडिया ने 26 जनवरी को अपनी विशेष रिपोर्ट में दिखाया था कि किस तरह कंबोडिया में फर्जी कॉल सेंटर्स साइबर स्लेवरी के अड्डे बन चुके हैं. रिपोर्ट में तस्वीरों और वीडियो के जरिए यह उजागर किया गया था कि भारतीय युवाओं को नौकरी का झांसा देकर वहां ले जाया जाता है, पासपोर्ट छीन लिए जाते हैं और फिर उन्हें जबरन भारत में साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया जाता है. इस नेटवर्क में चीन और पाकिस्तान से जुड़े साइबर गिरोहों की भूमिका भी सामने आई थी, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के खिलाफ एक तरह का छद्म युद्ध चला रहे थे.

खबर प्रसारित होने के बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत कंबोडियाई प्रशासन से समन्वय बढ़ाया. इसके बाद कंबोडिया सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की. कंबोडिया के वरिष्ठ मंत्री और ऑनलाइन स्कैम निरोधक आयोग के प्रमुख छाय सिनारिथ के अनुसार, अभियान शुरू होने के बाद से 190 स्थानों को सील किया गया है, 173 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 11,000 कामगारों को डिपोर्ट किया गया है. कंपोट प्रांत में स्थित एक बड़े परिसर को मीडिया के लिए खोला गया, जहां कंप्यूटर लैब, स्क्रिप्ट रूम, स्टूडियो बूथ और यहां तक कि एक फर्जी भारतीय पुलिस स्टेशन भी बनाया गया था. इस फर्जी सेटअप का इस्तेमाल भारतीय नागरिकों को डराकर उनसे ठगी करने के लिए किया जाता था. अधिकारियों ने बताया कि एक कथित सरगना की गिरफ्तारी के बाद हजारों कर्मचारी देश छोड़कर भाग गए. सीमित पुलिस बल के कारण सभी को रोक पाना संभव नहीं हो सका.

स्‍कैम सिंडिकेट पर बड़ी चोट

इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्कैम सिंडिकेट पर बड़ी चोट माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि अमेरिका में एक बड़े स्कैम किंगपिन के खिलाफ अभियोग और चीन द्वारा प्रत्यर्पण की कार्रवाई के बाद कंबोडिया सरकार ने सख्ती और बढ़ा दी. इधर, इस पूरे मामले को अब संसद में भी उठाया जाएगा. मुजफ्फरनगर से सांसद हरेन्द्र चौधरी ने न्यूज18 इंडिया की रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि मैं न्यूज18 इंडिया की टीम को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने इतने संवेदनशील मुद्दे को उठाया. हजारों भारतीयों का भविष्य इससे जुड़ा है. आपकी टीम से कई बार बातचीत हुई और उसके बाद यह कार्रवाई हुई. अब हम इस मामले को संसद में उठाएंगे. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है और इसी का फायदा उठाकर युवाओं को विदेशों में फंसाया जा रहा है. सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार के नाम पर ऐसे जाल में न फंसना पड़े.

भविष्‍य में और एक्‍शन की संभावना

लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने और भारतीय एजेंसियों द्वारा साझा की गई सूचनाओं के बाद कंबोडिया प्रशासन की यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और इस ट्रांसनेशनल साइबर नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश तेज होगी. फिलहाल, इस अभियान को साइबर स्लेवरी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे हजारों भारतीय परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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