भारत » ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन-पाक‍िस्‍तान की जुगलबंदी पर क्‍यों चुप रहे PM मोदी? कांग्रेस ने उठाए सवाल

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन-पाक‍िस्‍तान की जुगलबंदी पर क्‍यों चुप रहे PM मोदी? कांग्रेस ने उठाए सवाल

Facebook
Twitter
WhatsApp

Last Updated:

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर शी जिनपिंग से बातचीत में चीन-पाकिस्तान जुगलबंदी और ऑपरेशन सिंदूर पर चुप्पी को राष्ट्र विरोधी बताया. कांग्रेस ने पीएम मोदी को चीन के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की.

चीन-पाक‍िस्‍तान की जुगलबंदी पर क्‍यों चुप रहे PM मोदी? कांग्रेस ने उठाए सवालएससीओ समिट में अन्य देश के नेताओं के साथ पीएम मोदी.
नई दिल्ली. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के बाद सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और उस पर ‘कायरतापूर्ण तरीके से घुटने टेकने’ और ‘तथाकथित ड्रैगन’ के सामने आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया.

पार्टी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान-चीन की ‘जुगलबंदी’ पर पीएम मोदी की चुप्पी को ‘राष्ट्र विरोधी’ बताया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत लंबे समय से चीन पर आतंकवाद के मुद्दे पर ‘दोहरे मानदंड’ और ‘दोहरी भाषा’ अपनाने का आरोप लगाता रहा है.

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “अब प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद के शिकार हैं. अगर यह तथाकथित हाथी का तथाकथित ड्रैगन के आगे झुकना नहीं है, तो फिर क्या है?”

रमेश ने कहा, “इससे भी ज्यादा राष्ट्र-विरोधी बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत में एक शब्द तक नहीं कहा, जबकि इसका खुलासा खुद भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने किया था.”

कांग्रेस नेता ने कहा, “पीएम मोदी ने 19 जून 2020 को चीन को क्लीन चिट देकर राष्ट्रहित के साथ विश्वासघात किया. अब, 31 अगस्त 2025 भी तियानजिन में उनके कायरतापूर्ण दंभ के लिए बदनामी के दिन के रूप में याद किया जाएगा.” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत-चीन सीमा मुद्दे के “निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य” समाधान की दिशा में काम करने पर रविवार को सहमति जताई.

उन्होंने वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में दोनों अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को स्वीकार करते हुए व्यापार एवं निवेश संबंधों को विस्तार देने का संकल्प भी लिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अपनी बातचीत में पीएम मोदी और शी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश विकास में साझेदार हैं, न कि प्रतिद्वंद्वी तथा उनके मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए.

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homenation

चीन-पाक‍िस्‍तान की जुगलबंदी पर क्‍यों चुप रहे PM मोदी? कांग्रेस ने उठाए सवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी