मनोरंजन » ‘ऐसी इंटीमेसी की जरूरत नहीं’, फिल्मों में बोल्डनेस पर भड़कीं भाग्यश्री, कहा- समाज के दायरे में होनी चाहिए कहानियां

‘ऐसी इंटीमेसी की जरूरत नहीं’, फिल्मों में बोल्डनेस पर भड़कीं भाग्यश्री, कहा- समाज के दायरे में होनी चाहिए कहानियां

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फिल्म मैंने प्यार किया से अपनी पहचान बनाने वाली भाग्यश्री ने 90 के दशक से लेकर आज तक के सिनेमा में आए बदलावों पर गहराई से बात की है. उन्होंने आधुनिक फिल्मों में दिखाए जाने वाले बोल्ड सीन और इंटीमेसी पर कड़ा ऐतराज जताया है. भाग्यश्री का कहना है कि फिल्मों में ऐसी इंटीमेसी बिल्कुल गैर-जरूरी है, जिसे देखते वक्त दर्शक असहज महसूस करें या जिसे परिवार के साथ बैठकर न देखा जा सके. उनका मानना है कि कहानियां समाज के दायरे को चुनौती दिए बिना भी साहसी, अलग और बेहद दिलचस्प हो सकती हैं.

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फिल्मों में बोल्डनेस पर भड़कीं भाग्यश्री, कहा- दायरे में होनी चाहिए कहानियांZoom

भाग्यश्री ने कहा कि कहानियां समाज के दायरे में रहकर भी बोल्ड और दिलचस्प हो सकती हैं.

नई दिल्ली. फिल्म मैंने प्यार किया में सलमान खान के साथ अपने डेब्यू से रातों-रात स्टार बनीं भाग्यश्री आज भी दर्शकों के दिलों में बसती हैं. हालांकि, करियर के शिखर पर होने के बावजूद उन्होंने निजी जिंदगी को प्राथमिकता देते हुए फिल्मों से दूरी बना ली थी. हाल ही में एक इंटरव्यू में भाग्यश्री ने 90 के दशक और आज के सिनेमा के बीच के बड़े अंतर पर खुलकर बात की. उन्होंने आज की फिल्मों में दिखाए जाने वाले बेवजह के इंटीमेट सीन्स पर भी सवाल उठाए.

वैराइटी इंडिया के साथ बातचीत के दौरान भाग्यश्री ने आज के सिनेमा में आ रहे बदलावों पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, ‘सिनेमा हमेशा समाज का आईना होता है. 90 के दशक में फिल्में ही मनोरंजन का इकलौता जरिया थीं, जहां पूरा परिवार एक साथ वक्त बिताने के लिए थिएटर जाता था. लेकिन आज वक्त बदल चुका है, अब परिवार छोटे हो गए हैं, लोग अपनी पसंद को लेकर ज्यादा स्वतंत्र हैं और क्रिएटिव आर्ट के लिए कई अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स आ गए हैं. जाहिर है कि अब दर्शकों के पास चुनने के लिए विकल्पों की कोई कमी नहीं है.’

समाज के दायरे में रहकर भी बोल्ड हो सकती हैं फिल्में

उन्होंने आगे कहा, ‘आज के समय में हर तरह के दर्शकों को खुश करना लगभग नामुमकिन हो गया है. फिल्में अब अलग-अलग टुकड़ों और जॉनर में बंट गई हैं- चाहे वो इंडी फिल्में हों, आर्ट सिनेमा हो या कुछ और. मुझे सच में लगता है कि भले ही रियलिज्म का आजकल बाजार है, लेकिन फिल्मों में ऐसी इंटीमेसी दिखाना बिल्कुल जरूरी नहीं है, जिसे देखते वक्त आपको अपने माता-पिता या बच्चों के सामने शर्मिंदगी महसूस हो. कहानियां समाज के दायरे में रहकर भी बोल्ड, अलग और दिलचस्प हो सकती हैं.’

पढ़ी-लिखी महिलाएं आ रही हैं आगे

भाग्यश्री ने 90 के दशक के उस दौर को भी याद किया जब कहानियों में पितृसत्तात्मक किरदारों का बोलबाला था, जिसकी वजह से शादी के बाद हीरोइनों के लिए काम के मौके बेहद कम हो जाते थे. उनका मानना है कि कामकाजी महिलाओं का कॉन्सेप्ट समाज के लिए आज भी काफी हद तक नया है, लेकिन जैसे-जैसे पढ़ी-लिखी महिलाएं आगे आ रही हैं, उन्हें देखने का नजरिया बदला है. उन्होंने आज के दौर के पुरुषों की भी तारीफ की, जो शादी के बाद महिलाओं को काम करने के लिए प्रोत्साहित और सपोर्ट कर रहे हैं.

साल 1989 में भाग्यश्री ने किया था डेब्यू

साल 1989 में फिल्म मैंने प्यार किया से डेब्यू करते ही भाग्यश्री सुपरस्टार बन गई थीं. इसके बाद उन्होंने ‘पायल’, ‘घर आया मेरा परदेसी’ और ‘ओंकारम’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन जल्द ही अपनी निजी जिंदगी और परिवार को वक्त देने के लिए उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली. भाग्यश्री ने साल 2003 में फिल्म ‘मां संतोषी मां’ के जरिए बॉलीवुड में अपनी दूसरी पारी शुरू की. इसके बाद वह ‘थलाइवी’, ‘राधे श्याम’ और ‘छत्रपति’ जैसी बड़ी फिल्मों का हिस्सा रहीं. साल 2023 में फिल्म सजिनी शिंदे का वायरल वीडियो में उन्होंने नेगेटिव किरदार निभाकर सबको चौंका दिया, जिसके लिए उनकी जमकर तारीफ भी हुई.

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Kamta Prasad

साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें

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