रेंज और क्षमता
डेविड्स स्लिंग की रेंज 40 किमी से लेकर 300 किमी तक है. यह सिस्टम 40 किलोमीटर की ऊँचाई तक आने वाली मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकता है. यह मल्टी-टारगेट ट्रैकिंग सिस्टम से लैस है यानी एक साथ कई मिसाइलों को निशाना बना सकता है. इसमें इस्तेमाल होने वाला स्टनर तीन स्टेज वाला इंटरसेप्टर है, जो बहुत तेज गति से अपने लक्ष्य को ढूंढकर मार गिराता है. यह सिस्टम राडार और कमांड-एंड-कंट्रोल यूनिट से जुड़ा होता है, जो दुश्मन के हमले का पता लगाकर तुरंत इंटरसेप्टर मिसाइल लॉन्च कर देता है.
एक डेविड्स स्लिंग बैटरी की कीमत लगभग $100 मिलियन यानी ₹830 करोड़ रुपये बताई जाती है. इसमें लॉन्चर, राडार, कमांड सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होती हैं. एक स्टनर इंटरसेप्टर की कीमत करीब $1 मिलियन यानी लगभग ₹8.3 करोड़ है.
कौन-कौन से देशों के पास है?
इजरायल ने सबसे पहले इस एयर डिफेंस सिस्टम को साल 2017 में अपने बेड़े में शामिल किया था. फिनलैंड ने साल 2023 में इज़रासल से डेविड्स स्लिंग खरीदने का समझौता किया. अमेरिका से तकनीकी साझेदारी होने की वजह से अमेरिका के पास भी इसका ट्रायल और तकनीकी सहयोग है, हालांकि तैनाती मुख्य रूप से इजरायल में है. भविष्य में यूरोप के अन्य देश भी इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.
आयरन डोम (छोटी दूरी की सुरक्षा)
डेविड्स स्लिंग (मध्यम दूरी की सुरक्षा)
एरो सिस्टम (लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस)
यह सिस्टम दुश्मन की रॉकेट और मिसाइलों को शहरों और सैन्य ठिकानों तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर देता है. इसमें लगे स्टनर मिसाइल में अत्याधुनिक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर होते हैं, जो लक्ष्य को सटीकता से लॉक करते हैं.
रणनीतिक महत्व
डेविड्स स्लिंग ने इजरायल की सुरक्षा को एक नई परत दी है. गाज़ा, लेबनान और सीरिया से आने वाले संभावित मिसाइल हमलों से बचाने में यह बेहद कारगर है. इसकी तैनाती से इजरायल ने “रॉकेट बस्टर शील्ड” तैयार की है, जो छोटे से लेकर लंबी दूरी के हमलों तक को रोक सकती है. डेविड्स स्लिंग आज दुनिया के सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम्स में से एक है, जिसकी रेंज, मल्टी-टारगेट क्षमता और इंटरसेप्शन तकनीक इसे इजरायल और उसके साझेदारों के लिए सुरक्षा कवच बनाती है.





