विदेश » इज़राइल-ईरान युद्ध के चक्‍कर में फंसे कई भारतीय! क्या आपका ट्रैवल इंश्योरेंस ‘वॉर ज़ोन’ में काम करेगा?

इज़राइल-ईरान युद्ध के चक्‍कर में फंसे कई भारतीय! क्या आपका ट्रैवल इंश्योरेंस ‘वॉर ज़ोन’ में काम करेगा?

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म‍िड‍िल ईस्‍ट में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं. ऐसे में मन में एक ही बड़ा सवाल है: क्या मेरा ट्रैवल इंश्योरेंस इस युद्ध जैसी स्थिति में मेरा बचाव करेगा? अचानक उड़ानें रद्द होने और एयरस्‍पेस बंद होने से यात्री दुबई, कतर और ईरान जैसे क्षेत्रों में फंसे हुए हैं.

ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए बीमा अनिवार्य है, लेकिन क्लेम मिलना दो मुख्य बातों पर निर्भर करता है – 1. विघ्न का कारण और 2. पॉलिसी खरीदने का समय. यदि आपने तनाव शुरू होने से पहले पॉलिसी खरीदी थी और उड़ान ‘ऑपरेशनल कारणों’ (जैसे एयरस्पेस बंद होना) से देरी का शिकार हुई है, तो आप ‘ट्रिप डिले’ या ‘मिस्ड कनेक्शन’ के तहत क्लेम कर सकते हैं.

समय का खेल
इंश्योरेंस एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपने पॉलिसी तब खरीदी जब संघर्ष की खबरें सार्वजनिक हो चुकी थीं, तो इसे ‘नोन सरकमस्टेंस’ माना जाएगा. ऐसी स्थिति में बीमा कंपनियां क्लेम खारिज कर सकती हैं. बीमा का लाभ तभी मिलता है जब घटना अप्रत्याशित यानी अचानक हो.

समझें क्या है ‘वॉर एक्सक्लूजन क्लॉज’
यह अधिकांश ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसियों का एक मानक हिस्सा है. इसके तहत, यदि नुकसान का सीधा कारण घोषित युद्ध, नागरिक विद्रोह, सैन्य कार्रवाई या आक्रमण है, तो बीमा कंपनी भुगतान के लिए उत्तरदायी नहीं होती. हालांकि, अघोषित संघर्षों या एहतियाती तौर पर रास्ता बदलने के मामलों में क्लेम की गुंजाइश बनी रहती है, जो पूरी तरह आपकी पॉलिसी की भाषा पर निर्भर करता है.

फंसे हुए यात्रियों के लिए यूएई की बड़ी राहत
संकट के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक सराहनीय कदम उठाया है. जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) ने आपातकालीन सहायता योजना सक्रिय की है. इसके तहत, यूएई में फंसे लगभग 20,200 यात्रियों के ठहरने, भोजन और रिबुकिंग का पूरा खर्च सरकार उठा रही है. अबू धाबी के संस्कृति और पर्यटन विभाग ने भी होटलों को निर्देश दिया है कि फंसे हुए मेहमानों का स्टे बढ़ाया जाए, जिसका भुगतान सरकार करेगी.

अस्थिर क्षेत्रों की यात्रा से पहले ये ‘चेकलिस्ट’ अपनाएं
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी संवेदनशील क्षेत्र में जाने से पहले इन बातों का जरूर ध्‍यान रखें

युद्ध जैसी स्थितियों में ट्रैवल इंश्योरेंस आपकी सुरक्षा का ‘गारंटीड’ कवच नहीं है. यह तकनीकी शब्दों और समय के बीच का एक बारीक खेल है. यात्रा से पहले अपने बीमा प्रदाता से स्पष्ट रूप से ‘वॉर कवर’ और ‘एम्बारगो रिस्क’ के बारे में पूछना ही समझदारी है.

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