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Global Warming & Air Turbulence: ग्लोबल वार्मिंग और जेट स्ट्रीम विंड्स की वजह से अब पैसेंजर्स को एयर ट्रैवल के दौरान बार बार सीरियस टर्बुलेंस का सामना करना पड़ सकता है. रीडिंग यूनिवर्सिटी के एक शोध में इसको ल…और पढ़ें
जी हां, वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी के गर्म होने की वजह से आने वाले समय में एयरक्राफ्ट्स को उड़ान के दौरान अधिक अस्थिर हवाओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे टर्बुलेंस की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. यूनाइटेड किंगडम की रीडिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि ऊंचाई पर बहने वाली तेज जेट स्ट्रीम्स हवाओं में जलवायु परिवर्तन के कारण और अधिक अस्थिरता पैदा हो रही है. जेट स्ट्रीम्स ऐसी तेज हवाएं हैं, जो पृथ्वी के चारों ओर ऊंचाई पर बहती हैं. आमतौर पर एयरक्राफ्ट भी इन्हीं ऊंचाइयों पर उड़ान भरते हैं.
राडार से भी नहीं नजर आएंगे ये टर्बुलेंस
अध्ययन की मुख्य लेखिका और रीडिंग यूनिवर्सिटी की पीएचडी शोधकर्ता जोआना मेडिरोस के अनुसार, हवा का बढ़ता दबाव और वायुमंडल की कम होती स्थिरता मिलकर ‘क्लियर-एयर टर्बुलेंस’ (सीएटी) के लिए अनुकूल स्थिति बनाते हैं. यह एक अचानक आने वाली टर्बुलेंस की स्थिति है, जो बिना किसी चेतावनी के एयरक्राफ्ट को हिला सकती है. तूफान से होने वाले टर्बुलेंस को रडार पर देखा जा सकता है, लेकिन क्लियर-एयर टर्बुलेंस को नहीं. ऐसे में, पायलटों के लिए इसे टालना बेहद मुश्किल हो सकता है. शोधकर्ताओं ने 26 वैश्विक जलवायु मॉडलों का उपयोग करके यह अध्ययन किया है.
35000 फीट की ऊंचाई पर सबसे अधिक असर
उन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि जलवायु परिवर्तन से बढ़ते तापमान का सबसे अधिक असर असर उस ऊंचाई पर पड़ रहा है, जिस ऊंचाई पर सामान्यत: एयरक्राफ्ट उड़ान भरते हैं. और, यह ऊंचाई करीब 35,000 फीट के आसपास होती है. रीडिंग यूनिवर्सिटी के वायुमंडलीय विज्ञान के प्रोफेसर और सह-लेखक पॉल विलियम्स ने कहा कि हाल के वर्षों में सीरियस टर्बुलेंस की घटनाओं ने कई पैसेंजर्स को गंभीर चोटें दी हैं और कुछ मामलों में दुखद मौतें भी हुई हैं. बीते अनुभवनों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अब पायलटों को सीटबेल्ट साइन लंबे समय तक चालू रखना पड़ सकता है.

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें
Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to … और पढ़ें
August 30, 2025, 14:36 IST





