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आर्थिक तंगी के चलते बेची चाय, आईएएस बनने का देखा सपना, टैलेंट के दम पर बने बॉलीवुड स्टार

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दिग्गज अभिनेता अन्नू कपूर का शुरुआती सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना था, लेकिन परिवार की आर्थिक तंगी ने उन्हें पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर कर दिया. गुजारे के लिए उन्होंने चाय बेचने और लॉटरी टिकट बेचने जैसे काम भी किए. मजबूरी में उन्होंने थिएटर का रुख किया, जहाँ उनके शानदार अभिनय ने निर्देशक श्याम बेनेगल को प्रभावित किया और उन्हें फिल्म ‘मंडी’ मिली. ‘विक्की डोनर’ और ‘अंताक्षरी’ जैसी सुपरहिट फिल्मों और शोज के जरिए वे घर-घर में मशहूर हुए. अन्नू कपूर की कहानी साबित करती है कि कड़ा संघर्ष ही इंसान को अनमोल हीरा बनाता है.

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तंगी के चलते बेची चाय, आईएएस बनने का देखा सपना, टैलेंट के दम पर बने स्टारZoom

अन्नू कपूर ने हर तरह के किरदार निभाए हैं. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार अन्नू कपूर को आज हम उनकी शानदार एक्टिंग और ‘अंताक्षरी’ जैसे शोज के लिए जानते हैं, लेकिन असल जिंदगी में उनका सपना कुछ और ही था. 20 फरवरी 1956 को भोपाल में जन्मे अन्नू कपूर बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बहुत तेज थे. उनका असल मकसद अभिनेता बनना नहीं, बल्कि एक आईएएस ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना था. वह समाज में बदलाव लाना चाहते थे और एक रुतबे वाली सरकारी नौकरी का सपना देखते थे. मगर कहते हैं ना कि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. गरीबी और घर के हालात ने उनके इस सपने के आगे दीवार खड़ी कर दी. उनके पिता एक छोटी सी थिएटर कंपनी चलाते थे और मां टीचर थीं, लेकिन घर का गुजारा करना बेहद मुश्किल था.

आर्थिक तंगी का आलम यह था कि अन्नू कपूर को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी. परिवार का हाथ बंटाने के लिए उन्होंने बचपन में वह हर काम किया जो एक आम बच्चा सोच भी नहीं सकता. उन्होंने कभी चाय का ठेला लगाया तो कभी गलियों में घूमकर लॉटरी के टिकट बेचे. जब आईएएस बनने का रास्ता बंद हो गया, तो उन्होंने मजबूरन थिएटर की दुनिया में कदम रखा. शुरुआत में उन्होंने अपने पिता की मंडली में काम किया और यहीं से उनके भीतर का कलाकार निखरकर बाहर आया. उनकी मेहनत रंग लाई और महज 22 साल की उम्र में उन्होंने एक नाटक में 70 साल के बुजुर्ग का ऐसा जीवंत किरदार निभाया कि मशहूर डायरेक्टर श्याम बेनेगल दंग रह गए. बेनेगल साहब ने बिना देर किए उन्हें अपनी फिल्म ‘मंडी’ के लिए चुन लिया और यहीं से उनके फिल्मी सफर का आगाज हुआ.

‘मिस्टर इंडिया’ जैसी फिल्मों में किया काम
फिल्मी दुनिया में कदम रखने के बाद अन्नू कपूर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने ‘मिस्टर इंडिया’, ‘तेजाब’, ‘राम लखन’ और ‘विक्की डोनर’ जैसी ढेरों फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. सिर्फ फिल्में ही नहीं, टेलीविजन पर ‘अंताक्षरी’ और रेडियो पर ‘सुहाना सफर’ के जरिए उन्होंने हर घर में अपनी एक खास पहचान बनाई. भले ही गरीबी ने उनसे उनका आईएएस बनने का सपना छीन लिया हो, लेकिन उसी संघर्ष ने उन्हें भारतीय सिनेमा का एक अनमोल हीरा बना दिया. आज वह अपनी कला के जरिए करोड़ों लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं और उनके लिए एक मिसाल बन गए हैं कि अगर आपमें हुनर और जज्बा हो, तो परिस्थितियां आपको हरा नहीं सकतीं.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

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