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‘किस्सा कोर्ट कचहरी का’ का ट्रेलर और फर्स्ट लुक मुंबई में लॉन्च हुआ, जो भारत की लीगल सिस्टम की अनकही परतों को उजागर करता है. मेरठ की बैकग्राउंड पर बनी फिल्म 13 मार्च 2026 को रिलीज होगी. निर्देशक रजनीश जायसवाल और मेकर अरुण कुमार का मकसद ‘न्याय’ और ‘फैसले’ के बीच के अंतर को दिखाना और सिस्टम का मानवीय चेहरा पेश करना है. एक्टर राजेश शर्मा के अनुसार, फिल्म संयम और सहनशीलता जैसे मूल्यों पर जोर देती है. फिल्म दर्शकों को कोर्ट-कचहरी के डर से निकालकर कानून की बारीकियों से रूबरू कराएगी.

फिल्म में मशहूर कलाकारों ने खास रोल निभाया है.
नई दिल्ली: मुंबई के अंधेरी में मौजूद फन रिपब्लिक में फिल्म ‘किस्सा कोर्ट कचहरी का’ के ट्रेलर और फर्स्ट लुक लॉन्च के दौरान एक खास रोमांच देखने को मिला. लवली फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी फिल्म भारतीय लीगल सिस्टम की उन परतों को उधेड़ती है, जो अक्सर सरकारी फाइलों और अदालती कार्यवाहियों के बीच दबी रह जाती हैं. उत्तर प्रदेश के मेरठ के बैकग्राउंड पर बनी फिल्म सिर्फ एक कानूनी ड्रामा नहीं है, बल्कि जस्टिस के पीछे छिपे स्ट्रगल का सजीव चित्रण है. पैनोरमा स्टूडियो इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा वितरित यह फिल्म 13 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. लॉन्च इवेंट में राजेश शर्मा, नीलू कोहली और अंजू जाधव सहित फिल्म की पूरी स्टार कास्ट ने अपनी मौजूदगी से रौनक बढ़ाई.
फिल्म के निर्देशक रजनीश जायसवाल और निर्माता अरुण कुमार ने इस प्रोजेक्ट के पीछे के अपने गहरे विजन को शेयर किया. निर्देशक रजनीश का मानना है कि उन्होंने ‘जस्टिस’ और ‘जजमेंट’ के बीच के बारीक अंतर को मिटाने की कोशिश की है, ताकि दर्शक खुद को कोर्ट की गैलरी का हिस्सा महसूस कर सकें. उन्होंने फिल्म की वास्तविकता बनाए रखने के लिए भारी-भरकम डायलॉग के बजाय स्वाभाविक इमेज पर जोर दिया है. वहीं, प्रोड्यूसर अरुण कुमार ने साफ कहा कि उनका मकसद सिर्फ एक हिट फिल्म देना नहीं, बल्कि सिस्टम के मानवीय चेहरे को उजागर करना है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस सफल टीम का अगला एग्रीमेंट फिल्म ‘डीएनए’ (DNA) के रूप में होगा, जिसका पोस्ट-प्रोडक्शन और शूटिंग जल्द ही शुरू होने वाली है.
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