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Bollywood Actress Painful Life: अमीर खानदान की खूबसूरत हसीना ने जब बड़े पर्दे पर कदम रखा, तो हर कोई उनका दीवाना बन गया. वह मीना कुमारी जैसी महान अभिनेत्री तो नहीं बन पाईं, लेकिन उनकी तरह ही कम उम्र में दुनिया से रुख्सत हो गईं. पति और जिंदगी के कड़वे हालातों ने उन्हें जिस्म के बाजार की नुमाइश बना दिया था. उनका दर्दनाक अंत हुआ.

नई दिल्ली: ट्रेजेडी क्वीन मीना कुमारी को जिंदगी ने इतना दुख और दर्द दिया कि वह नशे में सुकून ढूंढने लगीं. वह महान अदाकारा कम उम्र में चल बसीं. एक खूबसूरत हीरोइन का हश्र भी उन्हीं की तरह हुआ था जो 34 साल की उम्र में परलोक सिधार गई थीं. वे पहली ही फिल्म से दर्शकों और फिल्म निर्माताओं की चहेती बन गई थीं. वे फिल्मों में जैसे-जैसे मशहूर हुईं, वैसे-वैसे उनकी निजी जिंदगी उथल-पुथल से घिर गई. घरवालों ने दूरी बनाई तो पति ने भी मुंह मोड़ लिया. जब उनकी मौत हुई, तो कोई उनके आस-पास नहीं था.

उस बदकिस्मत एक्ट्रेस ने शशि कपूर, राजकुमार और सुनील दत्त जैसे सितारों के साथ फिल्में कीं. सुनील दत्त के साथ उनकी पहली फिल्म ‘हमराज’ सफल रही थी. 60-70 के दशक में उनका करियर पीक पर था. हम हीरोइन विमी की बात कर रहे हैं.

दर्शकों ने विमी को पहली ही फिल्म से सर आंखों में बैठा लिया था, उसे आखिरी वक्त में भी करीबियों का साथ नसीब नहीं हुआ. उनकी अंतिम यात्रा एक कार में हुई थी. उन्हें हिंदी सिनेमा में पहला मौका बीआर चोपड़ा ने फिल्म ‘हमराज’ से दिया, जिसमें वे सुनील दत्त और राजकुमार के साथ नजर आईं.

विमी अमीर परिवार से थीं. पढ़ी-लिखी थीं, कला की पारखी थीं. गाती भी अच्छा थीं, लेकिन घरवाले नहीं चाहते थे कि वह हिंदी सिनेमा में काम करें. एक्ट्रेस ने अपनी महत्वाकांक्षा के चलते परिवार को छोड़ दिया और अपने सपनो को पूरा करने मुंबई चली आईं.

शान-ओ-शौकत की शौकीन विमी न सिर्फ स्पोर्ट्स क्लब चलाती थीं, बल्कि गोल्फ भी खेलती थीं. वे सिनेमा के चकाचौंध में ऐसी उलझीं कि अच्छे-बुरे का फर्क भुला बैठीं. विमी की शादी कम उम्र में एक मशहूर उद्योगपति के बेटे से हो गई थी, जिससे उनके दो बच्चे हुए.

विमी अपने पति के साथ जब एक पार्टी में पहुंचीं, तो उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर रवि से हुई. रवि ने उनकी खूबसूरती से प्रभावित होकर उन्हें फिल्मों में ट्राइ करने की सलाह दी. विमी ने सिर्फ इतना कहा- ‘एक शादीशुदा महिला को कौन काम देगा?’ म्यूजिक डायरेक्टर ने फिर उनकी मुलाकात बीआर चोपड़ा से करवाई, जिन्होंने उन्हें फिल्म ‘हमराज’ से लॉन्च किया.

ससुरालवाले नहीं चाहते थे कि विमी फिल्मों में अभिनय करें, हालांकि यहां उनके पति ने उनका सपोर्ट किया. लेकिन कपल को उनके पैरेंट्स ने प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया. अचानक घर चलाने की जिम्मेदारी विमी के कंधों पर आ गई.

‘हमराज’से उनका करियर चल बड़ा, लेकिन बीरआर चोपड़ा के कॉन्ट्रैक्ट के चलते वह दूसरे ऑफर स्वीकार नहीं कर पाईं. दोनों के बीच मतभेद हुए, तो बीआर चोपड़ा ने उन्हें कॉन्ट्रैक्ट से मुक्त कर दिया. विमी को फिल्में तो मिलीं, जिनकी असफलता ने उन्हें गुमनामी के अंधेरे में ढकेल दिया. निर्माताओं ने हाथ पीछे खींच लिए. फिल्में मिलना बंद हुईं, तो जमा-पूंजी भी चुकने लगी.

आर्थिक तंगी की वजह से विमी और उनके पति का रिश्ता भी खराब होने लगा. पति को नशे की लत पड़ गई. न्यूज18 बंगाली की रिपोर्ट के अनुसार, वह विमी को छोटे-मोटे निर्माताओं के साथ काम करने को मजबूर करने लगा, तो उनका आपसी रिश्ता इतना बिगड़ गया. नतीजतन, तलाक लेकर विमी कोलकाता चली गईं, जहां फिल्म डिस्ट्रिब्यूटर जॉली के साथ रहने लगीं.

विमी का निर्णय उनके खिलाफ गया. जॉली के साथ उनका ‘प्यार’ कुछ वक्त तक ही रहा, लेकिन इस रिश्ते ने उन्हें शराब की लत लगा दी और जाने-अनजाने उन्हें जिस्म के बाजार में धकेल दिया. जॉली पर उन्हें बर्बाद करने का आरोप लगा. करियर के साथ उनकी सेहत भी चौपट हो गई. एक्ट्रेस का 1977 में लिवर फेल हो गया. उन्होंने नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली. एक्ट्रेस के पार्थिव शरीर को घर ले जाने वाला भी कोई नहीं था. कहते हैं कि एक्ट्रेस के अंतिम यात्रा में सुनील दत्त शामिल हुए थे.
September 13, 2025, 16:56 IST





