Nepal Protest: नेपाल इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है. लोकतंत्र का गढ़ माने जाने वाला संसद भवन इन दिनों राख और धुएं में बदल चुका है. काठमांडू की सड़कों पर जिस तरह का तांडव देखने को मिला, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. हजारों प्रदर्शनकारी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सरकार की नीतियों से नाराज होकर राजधानी की सड़कों पर उतरे और देखते ही देखते संसद भवन को आग के हवाले कर दिया.
नेपाल का वह संसद भवन, जहां से देश की राजनीति की दिशा तय होती थी, जहां से देश का लोकतंत्र चलता था, आज उसकी दीवारें काली पड़ चुकी हैं. गेट जलकर खाक हो चुके हैं और अंदर खड़ी सरकारी गाड़ियां मलबे में तब्दील हो चुकी हैं.
कल नेपाल में आगजनी और तोड़फोड़ के बीच गोलियों की आवाजें गूंजीं, जिनमें कई छात्रों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. हालांकि, सेना ने हालात काबू करने के लिए राजधानी की कमान संभाल ली है, लेकिन अब भी नेपाल की फिजा में धुआं और दहशत दोनों फैली हुई है. यह दृश्य सिर्फ एक सरकारी इमारत के जलने का नहीं, बल्कि जनता के गुस्से और टूटे हुए भरोसे का प्रतीक बन चुका है.
संसद भवन पर हमला और आगजनी
काठमांडू स्थित संसद भवन का मुख्य VIP गेट, जहां से प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री और सांसदों की एंट्री होती थी, वह पूरी तरह से जला दिया गया है. सुरक्षा चौकी भी आग की चपेट में आ गई. प्रदर्शनकारी यहीं से अंदर घुसे और संसद भवन परिसर को हाईजैक कर लिया. जगह-जगह टूटी कुर्सियां, जली हुई बाइक्स, पुलिस की ढाल और बिखरे सामान इस हिंसक तांडव की गवाही दे रहे थे.
सरकारी संपत्ति को नुकसान
प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के भीतर और बाहर खड़ी सरकारी गाड़ियों और पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया. करीब 20 से 30 गाड़ियां, जिनमें बसें और पुलिस की गाड़ियां भी शामिल थीं, वह पूरी तरह जल गईं. नेपाल पुलिस और सुरक्षाबलों की गाड़ियां भी इस आगजनी में खाक हो गईं. यहां तक कि संसद भवन की दीवारें और गेट भी धुएं से काले पड़ चुके हैं.
400 से 500 लोग घायल
इस हिंसा में अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से 500 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इनमें आम नागरिकों के साथ छात्र भी शामिल हैं. घायलों में कई की हालत गंभीर है.
कस्टम ऑफिस और अन्य सरकारी दफ्तर भी निशाने पर
नेपाल में सिर्फ संसद भवन ही नहीं, बल्कि नेपालगंज कस्टम ऑफिस और अन्य सरकारी इमारतों को भी प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी. अंदर मौजूद फर्नीचर, दस्तावेज और संपत्ति पूरी तरह नष्ट हो गए. अभी भी कई जगहों पर धुआं उठता देखा जा रहा है.
सेना ने संभाली कमान
हालात बिगड़ते देख नेपाल की सेना ने पूरे देश की कमान संभाल ली. रात 10 बजे के बाद से कर्फ्यू जैसे हालात हैं और सुरक्षाबलों ने राजधानी समेत कई इलाकों में नियंत्रण कर लिया है. संसद भवन परिसर और आसपास की सड़कों पर सेना की तैनाती की गई है.
भारतीय पर्यटक भी फंसे
नेपाल में इस समय मौजूद कई भारतीय नागरिक भी मौजूदा हालात से प्रभावित हुए हैं. कुछ पर्यटक जैसे-तैसे बॉर्डर तक पहुंचने में सफल हुए, जबकि कई अब भी नेपाल के अंदर फंसे हुए हैं. भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
लोगों का गुस्सा और सरकार पर सवाल
नेपाल में जनता का गुस्सा भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर फूटा है. ओली सरकार से नाराज लोग सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते उनका विरोध हिंसक रूप ले गया.





