खेल » शम्मी कपूर ने जब बड़े भैया के साथ की हेरा-फेरी, नशे में मदमस्त थे शोमैन, भरी सभा में दे दिया चकमा

शम्मी कपूर ने जब बड़े भैया के साथ की हेरा-फेरी, नशे में मदमस्त थे शोमैन, भरी सभा में दे दिया चकमा

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नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के इतिहास में कपूर खानदान के भाइयों राज कपूर और शम्मी कपूर का रिश्ता हमेशा चर्चा का विषय रहा है. राज कपूर, जिन्हें ‘शोमैन ऑफ बॉलीवुड’ कहा जाता है और शम्मी कपूर, जो अपनी एनर्जेटिक स्टाइल और ‘याहू’ वाले अंदाज के लिए मशहूर थे.दोनों ने 1960 के दशक में कई यादगार फिल्में दीं. लेकिन क्या आप उस किस्से के बारे में जानते हैं, महफिल में जब नशे में मदमस्त बड़े भाई राज कपूर को देख शम्मी कपूर ने भाई के साथ ही बड़ी हेरा-फेरी कर डाली थी. छोटे भाई ने जो छल-कपट किया तो शोमैन गुस्से से लाल हो गए.

राज कपूर दिल को छूने वाले ‘आम आदमी’ के हीरो थे, जबकि शम्मी कपूर दिलों को झकझोरने वाले ‘रोमांटिक और स्टाइलिश हीरो’. लेकिन, बड़े भाई के साथ जो शम्मी कपूर ने जो चाल चली, उसकी खबर लगने के बाद वो गुस्से से लाल हो गए थे. क्या है ये किस्सा, चलिए बताते हैं…

संगीत के मामले में बेहद सख्त और परफेक्शनिस्ट थे राज कपूर

कहानी 1960 के आस-पास की है, जब राज कपूर अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘संगम’ पर काम कर रहे थे. ये वो ही समय था जब शम्मी कपूर ‘जंगली’ की शूटिंग में बिजी थे. दोनों फिल्मों का संगीत मशहूर जोड़ी शंकर-जयकिशन ने दिया था और गाने शैलेंद्र व हसरत जयपुरी ने लिखे थे. राज कपूर संगीत के मामले में बेहद सख्त और परफेक्शनिस्ट थे. वे अक्सर अपने घर पर महफिलें सजाते थे, जहां स्टार्स, संगीतकार और शराब का दौर चलता.

भाई को नशे में देख चली शम्मी ने चाल!

एक ऐसी ही पार्टी में राज कपूर शराब के नशे में पूरी तरह मदमस्त हो चुके थे. महफिल में संगीत का दौर चल रहा था और राज ने गाने सुनने-गवाने का प्लान बनाया था.लेकिन शम्मी कपूर ने इस मौके का फायदा उठाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज के नशे की हालत देखकर शम्मी ने चुपके से हेरा-फेरी कर दी. दरअसल, जब पार्टी चल रही थी उसी समय राज कपूर ने हसरत से उनका लिखा गीत सुनाने के लिए कहा. उन्हें दोनों ही फिल्मों के लिए एक थीम पर गाना लिखना था, जिसमें एक प्रेमी अपनी प्रेमिका से इजहार करते हुए गाना गा रहा है.

 जब हसरत ने सुनाया ‘ये मेरा प्रेम पत्र’

हसरत ने महफिल में एक-एक करके गाना स्टार्ट किया, लेकिन अभी तक कौन सी फिल्म में कौन सा गाना हुआ था, इसका फैसला नहीं लिया गया था. हसरत ने जैसे ही पहला गाना ‘ये मेरा प्रेम पत्र’ पढ़कर सुनाया ही था कि राज साहब की नशे में डूब चुके थे और वो गाने पर ध्यान नहीं दे सके.

‘एहसान तेरा होगा मुझपर’ था दूसरा गाना

तभी शम्मी कपूर ने हसरत जयपुरी से दूसरा गीत सुनाने के लिए कहा, जैसे ही उन्होंने ‘एहसान तेरा होगा मुझपर’ उन्हें सुनाया एक्टर इसमें खो गए. शम्मी कपूर को ये गाना इतना पसंद आया कि उन्हें ये डर लगने लगा कि गाना राज कपूर ‘संगम’ में ले लेंगे. उन्होंने हसरत से गुजारिश की कि वह दूसरा गाना राज कपूर को न सुनाए. हसरत सोच में थे करें तो क्या करें, फिर वह चुप रह गए और ‘प्रेम पत्र’ ‘संगम’ में और ‘एहसान तेरा’ जंगली में शूट हुआ.

जब बड़े भैया के कानों में गई भाई की इस ओछी करतूत

सवेरे होते ही राज कपूर के कानों में भाई की इस ओछी करतूत की खबर लग गई थी. राज को लगा कि शम्मी ने उनका मजाक उड़ाया है और वह अपनी ही भाई से काफी नाराज हुए. कहा जाता है राज साहब अपने बाई से इतना नाराज हो गए थे कि उन्होंने अपनी संगीत महफिल में उन्हें बुलाना बंद कर दिया था. हालांकि कुछ समय के बाद बड़े भाई का छोटे भाई का गुस्सा ठंडा हो गया और वह सब पुराने गिले-शिकवा भूल गए.

बॉक्स ऑफिस पर हिट साहित हुईं दोनों फिल्में

फिल्मों की बात करें तो 1961 में रिलीज हुई फिल्म जंगली नासिर हुसैन के निर्देशन में बनी. इसमें शम्मी का ‘याहू’ वाला डांस और रोमांस ने उन्हें स्टार बना दिया. फिल्म की लोकेशन कश्मीर थी और यह शम्मी की करियर की टर्निंग पॉइंट बनी. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. वहीं, 1964 में रिलीज हुई फिल्म ‘संगम’ राज कपूर की डायरेक्शन में बनी थी. ये फिल्म वैजयंतीमाला, राजेंद्र कुमार और राज कपूर के लव ट्रायंगल पर बनी. ये राज कपूर की पहली कलर फिल्म थी और बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

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