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सिनेमा जगत में विवादों से दूर रहने वाली एक एक्ट्रेस ने अपने पारिवारिक जीवन में अकल्पनीय दुखों का सामना किया. अपनी बेटी की मौत के लिए भगवान से प्रार्थना करने तक की स्थिति का सामना करने वाली वह एक्ट्रेस कौन हैं और क्या हुआ?

नई दिल्ली. स्टार्स की निजी जीवन हमेशा सुर्खियों में रहता है. सिनेमा जगत से जुड़े कई लोग अपने निजी जीवन को गुप्त रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार यह संभव नहीं हो पाता. सिनेमा जगत में बेहद सफल रही एक एक्ट्रेस ने अपने पारिवारिक जीवन में बड़े दुखों का सामना किया. एक समय ऐसा आया जब अपनी बेटी की मौत के लिए भगवान से प्रार्थना करने तक की स्थिति का सामना करना पड़ा.

वह एक्ट्रेस हैं मौसमी चटर्जी. 1970 में बॉलीवुड सिनेमा में धूम मचाने वाली मौसमी ने अमिताभ बच्चन, जीतेंद्र, विनोद खन्ना जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम किया और प्रसिद्धि पाई. मनोज कुमार के साथ ‘रोटी कपड़ा और मकान’, विनोद मेहरा के साथ ‘अनुराग’, अमिताभ के साथ ‘बेनाम’, ‘मंजिल’ जैसी हिट फिल्मों में काम करने के कारण वह कम समय में ही जनता के बीच लोकप्रिय हो गईं. मौसमी ने 10 साल की उम्र में बंगाली फिल्म ‘बालिका वधू’ से सिनेमा में कदम रखा. सुंदरता और अभिनय प्रतिभा के कारण वह बहुत छोटी उम्र में ही बॉलीवुड सिनेमा में छा गईं.

लेकिन, अगले पांच साल में यानी 15 साल की उम्र में उन्होंने शादी कर ली. उस समय बाल विवाह सामान्य था, इसलिए जब मौसमी ने जयंत मुखर्जी से शादी की, तब वह 10वीं कक्षा में पढ़ रही थीं. शादी के बाद भी उन्होंने अभिनय जारी रखा और 17 साल की उम्र में मां बनीं. 8 साल बाद उन्होंने दूसरी बेटी को जन्म दिया. मौसमी की दोनों बेटियां थीं.

पहली बेटी का नाम पायल और दूसरी बेटी का नाम मेघा रखा. सिनेमा सितारों के पीछे विवादों का पीछा करना सामान्य बात है. लेकिन, मौसमी के मामले में वह किसी भी विवाद में नहीं फंसीं. लेकिन, 2018 में यह सब बदल गया.

मौसमी चटर्जी की बेटी पायल ने एक व्यवसायी से शादी की थी. इस स्थिति में 2018 में अभिनेत्री मौसमी ने अदालत में अपनी बेटी पायल के लिए खुद को संरक्षक नियुक्त करने की याचिका दायर की. तब पता चला कि मौसमी की बेटी लंबे समय से टाइप-1 डायबिटीज से गंभीर रूप से पीड़ित थी और इलाज के लिए लगभग 3 साल से कोमा में थी.

बीमारी से पीड़ित और कोमा में अपनी बेटी पायल से मिलने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए, मौसमी ने अदालत में मामला दायर किया. हाल ही में इस घटना के बारे में बात करते हुए मौसमी ने कहा, ‘एक समय ऐसा आया जब मैं अपनी बेटी को दुखी देख नहीं सकती थी और मैंने भगवान से उसकी शांतिपूर्ण मौत के लिए प्रार्थना की. मेरी बेटी सुंदर थी, लेकिन उसने जो दर्द सहा वह असहनीय था. इसलिए मैंने भगवान से प्रार्थना की क्योंकि मैं अब और उसकी इतनी पीड़ा को देख नहीं सकती थी.’

मौसमी की बात के मुताबिक, पायल का 2019 में निधन हो गया. लेकिन, अंतिम बार अपनी बेटी का चेहरा भी मौसमी नहीं देख पाईं. मौसमी द्वारा दायर किए गए मामले के कारण दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव बढ़ गया. इस कारण मौसमी अंतिम संस्कार के समय अपनी बेटी का चेहरा देखने नहीं गईं. इसलिए उनके पति के परिवार ने अंतिम संस्कार किया.

मौसमी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का चेहरा अंतिम बार न देखने का कारण उनके दामाद और ससुराल वाले थे. मौसमी ने कहा कि उनके दामाद का परिवार पायल के चिकित्सा खर्चों का भुगतान करने से इनकार कर रहा था, और अस्पताल का बिल न चुकाने के कारण उसे मृत अवस्था में मुर्दाघर में रखा गया था. मौसमी ने बताया कि उन्होंने मुर्दाघर में अपनी बेटी को वापस पाने के लिए संघर्ष किया और आज भी उनका परिवार इस दुख से उबर नहीं पाया है.
September 10, 2025, 12:59 IST





