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Sanjay Dutt Jail Days: संजय दत्त जब जेल में थे, तब वहां भी अपना थियेटर ग्रुप चालू कर दिया था. वे वहां रेडियो स्टेशन चलाते थे और थियेटर ग्रुप के डायरेक्टर बने हुए थे. जिन कैदियों पर मर्डर का आरोप था, वह संजय दत्त के एक्टर थे.

नई दिल्ली: कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में फिल्मी सितारे मस्ती के अलावा अपनी जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभव भी बयां करते रहते हैं. संजय दत्त जब कॉमेडी शो में गेस्ट बनकर पहुंचे थे, तब जेल में बिताए दिनों के किस्से सुनाए थे. सुपरस्टार ने बताया कि उन्होंने जेल में रहकर एक रेडियो स्टेशन चलाया और कैदियों के साथ एक थिएटर ग्रुप का निर्देशन किया. (फोटो साभार: IMDb)

संजय दत्त हिंदी सिनेमा के पॉपुलर स्टार में से एक हैं. संजय दत्त का जीवन किसी फिल्म की कहानी जैसा ही है, जिसमें कई उतार-चढ़ाव और ट्विस्ट हैं. उन्होंने जिंदगी में सबसे बुरा दौर भी देखा और सफलता की ऊंचाई भी छुई. उनकी निजी जिंदगी में काफी ट्रेजेडीज थीं. उन्होंने कई हादसों का सामना किया है, जिसमें उनके माता-पिता, सुनील दत्त और नरगिस का निधन भी शामिल है. (फोटो साभार: IMDb)

संजय दत्त के जीवन का सबसे बुरा दौर तब था, जब वे 1993 मुंबई बम धमाकों की वजह से जेल गए थे. उन्होंने ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में अपने जेल में बिताए वक्त पर खुलकर बात की. संजय बोले, ‘मुझे अपने जीवन में जो कुछ भी हुआ उसका कोई पछतावा नहीं है. केवल एक चीज का पछतावा है कि मेरे माता-पिता मुझे बहुत जल्दी छोड़कर चले गए. मैं उन्हें बहुत याद करता हूं.’ (फोटो साभार: IMDb)

संजय दत्त सेट पर इमोशनल हुए, तो वहां सन्नाटा पसर गया. एक्टर बड़े शख्सियत के बावजूद अभी भी अपने नुकसान को सहते हैं. जब अर्चना पूरन सिंह ने उनसे जेल में उनकी बढ़ईगीरी की स्किल के बारे में पूछा, तो संजय ने बताया कि उन्होंने मजदूरी के लिए फर्नीचर और कागज के बैग बनाए.(फोटो साभार: IMDb)

संजय दत्त की क्रिएटिविटी यहीं नहीं रुकी. उन्होंने जेल के अंदर एक रेडियो चैनल भी शुरू किया, जिसे ‘रेडियो वाईसीपी’ नाम दिया गया था. वे बोले, ‘यह केवल जेल के अंदर ही बजता था. मुझे इसके लिए भी पेमेंट मिली थी. हमारे पास बात करने के लिए टॉपिक होते थे और हम कुछ कॉमेडी भी करते थे. तीन या चार अन्य कैदी इवेंट के लिए स्क्रिप्ट लिखते थे.’ (फोटो साभार: IMDb)

रेडियो ही नहीं, संजय ने जेल के अंदर एक थिएटर ग्रुप भी शुरू किया. वे बोले, ‘मैं निर्देशक था और मर्डर के आरोपी मेरे एक्टर थे.’ संजय दत्त ने खराब माहौल में बचे रहने के लिए कला का इस्तेमाल किया. (फोटो साभार: IMDb)

संजय दत्त ने जेल से अपनी सबसे डरावनी यादों में से एक के बारे में बताया. उन्होंने घटना को याद करते हुए कहा, ‘सुपरिंटेंडेंट ने एक आदमी को भेजा जिसका नाम मिश्रा जी था. जब उसने अपना उस्तरा निकाला, तो मैंने उससे पूछा कि वह कितने समय से जेल में है. उसने मुझे बताया कि 15 साल. मैंने उससे पूछा कि किस अपराध के लिए और उसने जवाब दिया ‘डबल मर्डर.’ तब तक उसका उस्तरा पहले ही मेरी गर्दन तक पहुंच चुका था. मैंने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया और उसे रोक दिया. एक डबल मर्डर का दोषी के हाथ में उस्तरा था – यह जेल में मामूली दिन है.’ (फोटो साभार: IMDb)

संजय दत्त फिलहाल फिल्म ‘बागी 4’ में चाको के रोल में नजर आ रहे हैं, जो 5 सितंबर को रिलीज हुई थी. वे इससे पहले हाउसफुल 5 में दिखे थे.(फोटो साभार: IMDb)
September 07, 2025, 19:06 IST





