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2 Flims With Same Name: ये वो फिल्म है, जिसने ‘विजय दीनानाथ चौहान’ का किरदार हीरो का सिग्नेचर रोल बन गया. दो नामी सितारों ने इस रोल को प्ले किया. एक को दर्शकों को रिजेक्ट किया और दूसरे को सुपरस्टार बना दिया.

नई दिल्ली. बॉलीवुड में एक नाम से कई फिल्में बनीं हैं. कुछ हिट रहीं तो कुछ सुपरफ्लॉप. कई बार तो एक ही मेकर्स ने ये दांव खेला. लेकिन क्या आप उस बाप-बेटे की जोड़ी से वाकिफ हैं, जिन्होंने एक ही नाम से दो फिल्में बनाई एक फ्लॉप हुई तो डायरेक्टर टूट गया, लेकिन फिर उसी नाम से 22 साल बाद बेटे ने फिल्म बनाई और उस फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था. ये बाप-बेटी की जोड़ी रही यश जौहर-करण जौहर और फिल्म का नाम है ‘अग्निपथ’. फोटो साभार- वीडियो ग्रैब

बॉलीवुड के इतिहास में एक ही नाम से बनी दो फिल्मों की तुलना हमेशा चर्चा में रही है. साल 1990 और 2012 में एक नाम से दो फिल्में बनीं ये थी ‘अग्निपथ’. दोनों फिल्मों का नाम भले ही एक रहा हो, लेकिन किस्मत और बॉक्स ऑफिस का सफर बिलकुल अलग रहा. पिता यश जौहर ने 1990 में इसे बनाया था और बेटा करण जौहर ने 2012 में रीमेक पेश किया. फाइल फोटो.

यश जौहर हिंदी सिनेमा के उन निर्माताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने बॉलीवुड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई. बतौर फिल्म फोटोग्राफर उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी.फिल्मों की दुनिया में उनका मन ऐसा बसा कि वे यहीं के होकर रह गए. यश जौहर ने एक्ट्रेस मधुबाला की भी तस्वीरें क्लिक की थीं, जो किसी को भी जल्दी अपनी फोटो खींचने नहीं देती थीं. फोटोग्राफी छोड़ वो यश जौहर ने कई फिल्मों के प्रोडक्शन का काम संभाला. देवानंद साहब के नवकेतन सिनेमा प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले यश ने कई फिल्मों के प्रोडक्शन का काम संभाला था. बाद में अपने इसी अनुभव की बदौलत धर्मा प्रोडक्शंस जैसे बड़े प्रोडक्शन हाउस की स्थापना की. इसके तले उन्होंने ‘दोस्ताना’, ‘अग्निपथ’, ‘गुमराह’, ‘कुछ कुछ होता है’, और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया. फोटो साभार-@IMDb

उनकी फिल्मों में रिश्तों की गर्माहट, भव्यता और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. आज भी यश जौहर को एक दूरदर्शी निर्माता और हिंदी सिनेमा के स्तंभ के रूप में याद किया जाता है. उनका मानना था कि फिल्में केवल कहानियां नहीं, बल्कि एक सपने का साकार होना हैं. यही वजह है कि जब उनकी फिल्में असफल होती थीं, तो वह न सिर्फ आर्थिक रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से भी टूट जाते थे.

यश जोहर के प्रोडक्शन हाउस धर्मा प्रोडक्शंस ने साल 1990 में ‘अग्निपथ’ को प्रोड्यूस किया. इस फिल्म को डायरेक्ट मुकुल एस. आनंद ने किया था. फिल्म की कहानी एक युवक विजय दीनानाथ चौहान की है, जो अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए मुंबई के अंडरवर्ल्ड में घुसता है.

अमिताभ बच्चन, नीलम कोठारी , डैनी डेंग्जोंगपा अर्चना पूरन सिंह जैसी स्टार दमदार कास्ट भी फिल्म को हिट नहीं करा सकी. 1990 में जब उनकी फिल्म ‘अग्निपथ’ रिलीज हुई और ये बुरी तरह फ्लॉप हो गई, तो वो बुरी तरह से टूट गए थे. इसका किस्सा उनके बेटे करण जौहर ने अपनी आत्मकथा ‘एन अनसूटेबल बॉय’ में साझा किया था. इसमें करण जौहर ने बताया, जब ‘अग्निपथ’ बन रही थी तो यश जौहर और पूरी टीम को यकीन था कि यह एक ऐतिहासिक फिल्म साबित होगी. शानदार कलाकारों, दमदार कहानी और बेहतरीन निर्देशन के साथ, उन्हें लगा कि उन्होंने एक मास्टरपीस बनाई है. फिल्म के प्रीमियर के बाद सबने इसकी तारीफ की, लेकिन जब यह रिलीज हुई तो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई.

इस असफलता ने यश जौहर का दिल तोड़ दिया. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनकी इतनी मेहनत और दूरदर्शिता के बावजूद यह फिल्म क्यों नहीं चली. ‘डुप्लिकेट’ और बाद में ‘अग्निपथ’ की असफलता ने उन्हें इंडस्ट्री में एक ‘असफल निर्माता’ की छवि दे दी. इस बात का दर्द उन्हें जीवन भर रहा. इसका दर्द उनके बेटे करण जौहर ने भी महसूस किया. फाइल फोटो.

22 साल बाद 2012 में अपने पिता के अधूरे सपने को पूरा करने और उन्हें वह सम्मान वापस दिलाने के लिए अग्निपथ का रीमेक बनाकर रिलीज किया था. ऋतिक रोशन-स्टारर ‘अग्निपथ’ सुपरहिट हुई. करण जोहर ने अपनी मां हीरू यश जोहर के साथ मिलकर ‘अग्निपथ’ का रीमेक प्रोड्यूस कि. इस बार डायरेक्टर थे करण मल्होत्रा, जो अपना डेब्यू कर रहे थे. कहानी मूल रूप से वही थी – विजय दीनानाथ चौहान का बदला लेकिन इसे मॉडर्न टच दिया गया.

फिल्म का बजट 58 करोड़ रुपये था. रिलीज होते ही यह ब्लॉकबस्टर साबित हुई. भारत में नेट कलेक्शन 120 करोड़ रुपये रहा, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 193 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसे ‘सुपरहिट’ का दर्जा मिला और 2012 की पांचवीं सबसे ज्यादा कमाने वाली हिंदी फिल्म बनी. इस फिल्म के साथ करण जौहर ने महसूस किया कि उन्होंने अपने पिता को वह सम्मान वापस दिला दिया है.

करण ने अपने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मेरे लिए यह फिल्म बनाना मेरे पापा के लिए न्याय करना था. 1990 में जो फिल्म फ्लॉप हुई थी, मैं उसे सफल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहता था.’ फोटो साभार-@IMDb
September 06, 2025, 09:35 IST





