Last Updated:
शिशिर ने दावा किया था कि राहुल गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं. (फाइल फोटो)ईडी सूत्रों ने बताया कि शिशिर से मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत मामले से संबंधित सभी साक्ष्य और दस्तावेज के साथ पेश होने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि इन आरोपों की जांच की जा रही है. फेमा के तहत ईडी व्यक्तियों और कंपनियों द्वारा विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करता है. जब इस मामले पर कांग्रेस पार्टी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उसने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस बी. आर. सिंह की खंडपीठ ने भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दायर एक रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया. अपने अंतरिम आदेश में पीठ ने कहा, “हम पहली नजर में संतुष्ट हैं कि यह मामला विचार योग्य है क्योंकि याचिकाकर्ता ने एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामला दायर किया है और लगातार धमकियों का सामना कर रहा है तथा नोटिस के अनुपालन में उन्हें रायबरेली जिले के कोतवाली थाने में जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना पड़ रहा है.”
शिशिर ने हाईकोर्ट को बताया था कि उनकी जून 2024 में की गई शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच कर रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कई बार दिल्ली में एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं और उन्होंने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े साक्ष्य भी दिए हैं. हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर के लिए तय की है. इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को गांधी की ब्रिटिश नागरिकता से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें
New Delhi,Delhi
September 06, 2025, 22:21 IST





