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Emergency Defence Contract: ऑपरेशन सिंदूर के बाद मोदी सरकार देश की सुरक्षा को लेकर काफी चौकस हो गई है. ताबड़तोड़ ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिससे डिफेंस सेक्टर की कमियों को दूर किया जा सके. सरकार ने अब एक और बड…और पढ़ें
मोदी सरकार ने इमर्जेंसी रूट से होने वाले डिफेंस परचेज से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है.दरअसल, मोदी सरकार ने इमर्जेंसी रूट से होने वाली रक्षा खरीद से जुड़े प्रावधानों में बड़ा बदलाव किया है. यह आर्म्स और अन्य डिफेंस परचेज को इमर्जेंसी विंडो से खरीदने वाले प्रोवीजन से जुडा है. बदले प्रवधान के तहत यदि कोई डिफेंस डली इस रूट से किया जाता है तो उसे 12 महीनों में अंजाम तक पहुंचाना आवश्यक है, नहीं तो कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल हो जाएगा. रक्षा खरीद प्रणाली को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. रक्षा सचिव ने एक कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी कि रक्षा खरीद सायकल (procurement cycle) की समयसीमा में पहले ही 69 हफ्तों की कटौती की जा चुकी है. इससे रक्षा सौदों को समय पर पूरा करने की दिशा में अहम सुधार देखने को मिलेगा. रक्षा खरीद की लंबी प्रक्रिया में कई चरण शामिल होते हैं. विक्रेताओं से सूचना की मांग (Request for Information), सेवाओं की गुणवत्ता संबंधी आवश्यकताएं (SQRs) तय करना, डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल द्वारा आवश्यकता की स्वीकृति (Acceptance of Necessity) देना, निविदा (RFP) जारी करना, तकनीकी और मैदानी परीक्षण, और अंत में कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत. इन सभी चरणों में लगने वाले समय को कम करने की दिशा में यह सुधार महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है.
स्पेशल पैनल
गलवान से ऑपरेशन सिंदूर तक
इस वर्ष मई में ऑपरेशन सिंदूर से पहले रक्षा मंत्रालय ने जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के तुरंत बाद पहली बार भारतीय सेना को 300 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत खरीद के लिए आपातकालीन शक्तियां प्रदान की थीं. फरवरी 2019 में बालाकोट हवाई हमले और 2016 में उरी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद तीनों सेनाओं को राजस्व खरीद के लिए भी आपातकालीन शक्तियां प्रदान की गई थीं. पूंजीगत खरीद शक्तियां पूंजीगत संपत्तियों, हथियारों/शस्त्र प्रणालियों और अन्य ऑपरेशनल रूप से महत्वपूर्ण उपकरणों के अधिग्रहण से संबंधित हैं, जिससे रक्षा बलों की ऑपरेशनल कैपेबिलिटी में स्थायी वृद्धि होती है. राजस्व खरीद शक्तियां इन संपत्तियों को बनाए रखने या बनाए रखने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण पुर्जों और गोला-बारूद की खरीद से संबंधित हैं.

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु… और पढ़ें
New Delhi,Delhi
September 05, 2025, 05:57 IST





