किसानों और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को कई अहम निर्णय लिए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई काउंसिल की 56वीं बैठक में डेयरी उत्पादों, उर्वरकों, जैव कीटनाशकों और कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरों में बड़ी कटौती को मंजूरी दी गई. काउंसिल ने अल्ट्रा हाई टेम्परेचर (UHT) दूध और पनीर को पूरी तरह कर-मुक्त कर दिया है. अब इन पर 5% जीएसटी की जगह शून्य दर लागू होगी. वहीं, कंडेंस्ड मिल्क (खोआ), मक्खन, अन्य वसा और चीज पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है.
किसानों को भी बड़ी राहत
कृषि उपकरणों पर भी किसानों को बड़ी राहत दी गई है. अब 15 एचपी तक के फिक्स्ड स्पीड डीजल इंजन, हैंड पंप, ड्रिप सिंचाई नोजल, स्प्रिंकलर, मिट्टी की तैयारी और फसल कटाई की मशीनें, ट्रैक्टर (कुछ श्रेणियों को छोड़कर), कम्पोस्टिंग मशीनें और स्वयं-लोडिंग ट्रेलर पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% होगा. हाथ से चलने वाली गाड़ियां जैसे ठेला भी इस दायरे में आएंगे. मुख्य उर्वरक इनपुट्स (सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनिया) पर भी जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया है. इसी तरह विभिन्न बायोपेस्टिसाइड्स जैसे Bacillus thuringiensis, Trichoderma viride, Pseudomonas fluoresens, Beauveria bassiana, नीम-आधारित कीटनाशक और Cymbopogan पर कर 12% से घटाकर 5% किया गया है.
ट्रैक्टर होगा सस्ता
जीएसटी काउंसिल ने ट्रैक्टर के अहम पुर्जों पर भी बड़ी कटौती की है. अब रियर ट्रैक्टर टायर-ट्यूब, हाइड्रॉलिक पंप, ब्रेक असेंबली, गियर बॉक्स, रेडिएटर व कूलिंग सिस्टम जैसे पुर्जों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है. उद्योग जगत ने फैसले का स्वागत किया है. पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के चेयरमैन देवेंद्र शाह ने कहा, ‘डेयरी उत्पादों पर जीएसटी में कटौती से उपभोक्ताओं को सीधे फायदा होगा. ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जहां कीमतें संवेदनशील मुद्दा हैं, वहां यह कदम बड़ा असर डालेगा. किसानों को भी लाभ होगा क्योंकि बढ़ी हुई मांग से उनकी आय स्थिर होगी और वे बेहतर पशु देखभाल व चारे में निवेश कर सकेंगे.’ विशेषज्ञों का मानना है कि इन निर्णयों से एक तरफ जहां किसानों की लागत कम होगी, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं के लिए दूध, पनीर, घी और मक्खन जैसे रोजमर्रा के उत्पाद सस्ते होंगे. इससे त्योहारों के मौसम में बाजार में मांग बढ़ने की भी उम्मीद है.





