विदेश » मिड डे मील खाकर 400 बच्चे बीमार, खाना खाते ही हुआ पेटदर्द, अस्पताल में भर्ती, प्रशासन में हड़कंप

मिड डे मील खाकर 400 बच्चे बीमार, खाना खाते ही हुआ पेटदर्द, अस्पताल में भर्ती, प्रशासन में हड़कंप

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Agency:एजेंसियां

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Mid Day Meal Chaos: बच्चों ने स्कूल में स्वस्थ खाने के नाम पर जो कुछ खाया, वो उनके लिए जहर साबित हुआ. खाते ही पेट में दर्द शुरू हो गया और बहुत से बच्चों को अस्पताल जाना पड़ गया.

मिड डे मील खाकर 400 बच्चे बीमार, खाना खाते ही हुआ पेटदर्द, अस्पताल में भर्तीमिड डे मील खाकर 400 से ज्यादा बच्चे बीमार. (Credit- Canva)
इंडोनेशिया के पश्चिमी बेंगकुलु प्रांत में करीब 400 बच्चे स्कूल में मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गए. यह घटना राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो की प्रमुख पोषण योजना से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी फूड पॉइजनिंग की घटना मानी जा रही है. सबसे अजीब बात ये है कि उन्होंने सरकार की ओर से कुपोषण से निपटने वाली योजना के तौर पर ये खाना शुरू किया था, जो अब लोगों को बीमार कर रहा है.

इस पोषण योजना की शुरुआत जनवरी में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए की गई थी. हालांकि तब से अब तक देश के कई हिस्सों में इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसी साल अगस्त में सेंट्रल जावा के अंदर 365 लोग भोजन खाने के बाद बीमार हो गए थे. स्थानीय मीडिया ने इस घटना के पीछे खराब साफ-सफाई को जिम्मेदार ठहराया था.

अस्पताल में भर्ती किए गए बच्चे

बेंगकुलु की घटना में 4 से 12 साल की उम्र के बच्चों को पिछले हफ्ते गुरुवार को पेट दर्द और अन्य लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. एक स्थानीय सरकारी बयान में बताया गया कि अधिकांश बच्चों को पेट में तेज दर्द की शिकायत थी. उप-राज्यपाल मीयान ने बताया कि इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा -‘हम फिलहाल उस रसोईघर को बंद कर रहे हैं, जहां से यह खाना तैयार हुआ था. जांच के बाद ही तय होगा कि गलती कहां हुई.’ उन्होंने बताया कि यह जांच राष्ट्रीय पोषण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों ओर से की जाएगी.

पोषण योजना पर उठ रहे सवाल

सरकारी पोषण योजना में कई बार फूड पॉइजनिंग की घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी यह योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोगों तक यह योजना पहुंच चुकी है और सरकार का लक्ष्य इसे साल 2025 के अंत तक 8.3 करोड़ लोगों को इससे जोड़ने का है. इसके लिए 171 ट्रिलियन रुपिया का बजट रखा गया है. अगस्त में जब ऐसी ही घटना हुई थी, तब स्रगेन इलाके के प्रमुख सिगित पामुंकास ने वादा किया था कि सरकार सभी बीमार छात्रों के इलाज का खर्च उठाएगी. बेंगकुलु में जिस भोजन को खाने के बाद यह हालत हुई, उसमें हल्दी चावल, आमलेट की पतली स्लाइस, तली हुई टेम्पेह खीरे और सलाद, सेब के टुकड़े और दूध का डिब्बा शामिल था. यह भोजन एक सेंट्रल किचन में तैयार कर कई स्कूलों में बांटा गया था.

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Prateeti Pandey

News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा…और पढ़ें

News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा… और पढ़ें

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