रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास आधिकारिक तौर पर लिमोजिन औरस सेनेट कारों का काफिला है. इसी बेड़े की दो कारें मास्को से सीधे चीन के तियानजिन लाई गईं थीं. इन दो कारों को मास्को में उस इल्यूसिन2-76 विमान में चढ़ाया गया, जो जंबो कार्गो विमान कहलाता है.
पुतिन की कार पहले ही पहुंच चुकी थी

रूसी सीक्रेट सर्विस इस कार का ध्यान रखती है
जब एससीओ खत्म हुआ तो प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने इसी कार से तियानजिन के सम्मेलन स्थल से द्विपक्षीय वार्ता स्थल तक की यात्रा की. दोनों नेताओं ने कार में करीब 45 मिनट तक बातचीत की.
रूस में बनी है ये खास लिमोजीन कार
भारी बख्तरबंद होते हुए भी यह कार केवल 6 सेकेंड में 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड पकड़ सकती है. हालांकि इसकी टॉप स्पीड 250 की है. इस कार में ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम है.

बहुत सुरक्षित है ये कार किसी किले जैसी
ये कार सुरक्षा के लिहाज से बहुत सुरक्षित है. ये बख्तरबंद कार है. इसमें बुलेटप्रूफ ग्लास, एंटी ग्रेनेड स्ट्रक्चर और प्रोटेक्टर फिल्म लगी होती है. इसमें फायर सप्रेशन सिस्टम, इमरजेंसी ऑक्सीजन आपूर्ति, रन-फ्लैट टायर्स और अंडरबॉडी बम रक्षा प्रणाली शामिल है.
अंदर पूरा कंफर्ट भी है इसमें
अगर लग्जरी की बात करें तो इसके अंदर भरपूर कंफर्ट दिया गया है. जिसमें मिनी फ्रिज से लेकर फोल्डिंग टेबल्स, घूमने वाली सीटें और इंफार्मेशन स्क्रीन लगी होती है. सीटों की गद्दी प्रीमियम लेदर की होती है. ड्राइवर के पास भी कम्युनिकेशन के सारे सिस्टम होते हैं. ये ड्राइवर कोई सामान्य शख्स नहीं होता बल्कि रूसी सीक्रेट सर्विस का आला अधिकारी ही होता है.

क्या है इस कार की कीमत
वैसे इस कार का सामान्य वजन 2,700 किलो है तो बख्तरबंद मॉडल का वजन करीब 6,200 किलो. ये 6.62 मीटर लंबी होती है. इसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ है. कहा जा सकता है कि यह कार दमदार सुरक्षा फीचर्स जैसे आर्मी-ग्रेड आर्मर, रन-फ्लैट टायर्स, ऑक्सीजन सप्लाई, इमरजेंसी एस्केप सिस्टम और फायर प्रोटेक्शन आदि से लैस है.
लिमोजीन कारों का बेड़ा है पुतिन के पास
कैसे होती है पुतिन की सुरक्षा
दो लिमोजीन कारें, दो सिडान और तीन हथियारबंद वाहन, जो सपोर्ट टीम और सुरक्षा के लिए होती हैं. सुरक्षा लेयर इस तरह होते हैं
बाहरी सुरक्षा – काफिले के चारों ओर सुरक्षाकर्मी एवं पुलिस, एक्स्ट्रा हथियारबंद MPV और बुलेट-प्रूफ वाहनों की घेराबंदी.
तकनीकी सुरक्षा – रूट को अंतिम समय में फाइनल किया जाता है, GPS जामिंग, स्नाइपर्स छतों पर, मोबाइल कमांड सेंटर और ड्रोन निगरानी रहती है.
आंतरिक सुरक्षा – राष्ट्रपति की विशेष लिमोजीन में उनके बॉडीगार्ड वाहनों में अतिरिक्त ब्लड सप्लाई और मेडिकल सपोर्ट शामिल रहता है.





