भारत » ‘भारत-चीन को साथ लाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप को मिले नोबेल पुरस्‍कार, अमेरिका ने सोचा था कि हम रोएंगे और गिड़गिड़ाएंगे’

‘भारत-चीन को साथ लाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप को मिले नोबेल पुरस्‍कार, अमेरिका ने सोचा था कि हम रोएंगे और गिड़गिड़ाएंगे’

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मेजर जनरल जीडी बख्शी ने भारत रूस चीन त्रिकोण को सही बताया. डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्‍कार देने को लेकर तंज कसा. एसवी भास्कर ने आतंकवाद पर पीएम मोदी के रुख की सराहना की.

US ने सोचा था कि भारत गिड़गिड़ाएगा, डिफेंस एक्सपर्ट ने ट्रंप पर कसा तंजडोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था, जिससे भारत-अमेरिकी में तनाव बढ़ गया है.
गुरुग्राम. अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत की रूस और चीन के साथ मिलकर त्रिकोण बनाने की रणनीति को रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त) ने सही बताया है. उन्‍होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत और चीन को एकजुट करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्‍कार मिलना चाहिए.

मेजर जनरल जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त) ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह बिल्कुल सही विदेश नीति है. उन्होंने कहा कि 30 साल तक हम अमेरिका से दोस्ती बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी बनाने की कोशिश करते रहे. आज अमेरिका ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है तो भारत इसे क्यों बर्दाश्त करे?

भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है, न कि अमेरिका का उपनिवेश. अमेरिका ने भारत के लिए कोई विकल्‍प नहीं छोड़ा और उसी ने भारत-रूस-चीन त्रिकोण बनाया है. जी.डी. बख्शी ने कहा कि भारत और चीन को एकजुट करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को नोबेल पुरस्‍कार मिलना चाहिए.

एससीओ शिखर सम्मेलन पर रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया में अपना प्रभुत्व दिखा रहे थे, ऐसा व्यवहार कर रहे थे जैसे वह सभी को कुचल सकते हैं. उन्होंने हम पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया, भारत की रीढ़ तोड़ने की कोशिश की, यह सोचकर कि हम रोएंगे और गिड़गिड़ाएंगे, लेकिन यह सब नहीं है. पीएम मोदी और पुतिन के बीच बातचीत हुई है. भारत ने कहा है कि आने वाले समय में हम रूस से और तेल खरीदेंगे.

वहीं, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर एसवी भास्कर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पहलगाम और आतंकवाद का मुद्दा उठाए जाने पर कहा कि यह न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए खतरा है. पूरे विश्‍व को इस चुनौती को खत्‍म करने के लिए प्रयास करना चाहिए. बहुत से देशों ने इस आतंकवादी हमले के खिलाफ उस तरह की प्रतिक्रिया नहीं दिखाई, जो सभ्य समाज या देश से उम्मीद की जाती है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद जिस तरह से पूरे विश्व में आतंकवाद बढ़ रहा है, उसका कुछ देशों ने समर्थन में किया है जो कि निंदनीय है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

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US ने सोचा था कि भारत गिड़गिड़ाएगा, डिफेंस एक्सपर्ट ने ट्रंप पर कसा तंज

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