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PM Modi China Visit | PM Modi SCO Summit | PM Modi Jinping Meeting | भारत का स्ट्रैटेजिक बैलेंस: ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच मोदी-शी मुलाकात बदलेगी खेल! अमेरिका को सीधा संदेश?

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PM Modi in China: ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बीच पीएम मोदी और शी जिनपिंग की SCO समिट में होने वाली मुलाकात ने एशिया में नए समीकरण गढ़ दिए हैं. भारत ने साफ कर दिया है कि वह अब वॉशिंगटन पर निर्भर नहीं रहेगा और स्ट्…और पढ़ें

ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच मोदी-शी मुलाकात बदलेगी खेल! अमेरिका को सीधा संदेश?पीएम मोदी का चीन दौरा ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बीच भारत का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है.
बीजिंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ऐसे वक्त पर हो रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिटिक्स ने वैश्विक बाजार में नई उथल-पुथल मचा दी है. इस मुलाकात ने साफ कर दिया है कि भारत अब अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहता और अपनी एशियाई साझेदारियों को और मजबूत करने के लिए तैयार है.

भारत का यह कदम केवल कूटनीति नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है. नई दिल्ली अब दुनिया को दिखा रही है कि वह बहुध्रुवीय (multi-polar) व्यवस्था का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है.

विशेषज्ञ मानते हैं कि SCO और BRICS जैसे मंच अमेरिका-नेतृत्व वाले दबाव का विकल्प बनने जा रहे हैं और भारत इसी संतुलन को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.

सीमा विवाद की छाया, लेकिन संवाद पर जोर
भारत-चीन सीमा तनाव की परिस्थिति में यह मुलाकात बेहद अहम है. बीते सालों में कई बार रिश्तों में कड़वाहट आई. लेकिन मौजूदा आर्थिक और रणनीतिक दबाव दोनों देशों को संवाद पर मजबूर कर रहा है. पीएम मोदी और शी की बातचीत एक राजनीतिक संकेत है कि अब दोनों एशियाई दिग्गज तनाव कम कर संतुलन बनाने की ओर बढ़ना चाहते हैं.

PM मोदी का चीन दौरा- समय से पहले, रणनीति के तहत
प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं और यह उनका छठा चीन दौरा है. दिलचस्प बात यह रही कि SCO सम्मेलन शुरू होने से पूरे 24 घंटे पहले ही उनका आगमन चीन में हो गया है. इससे उन्हें राष्ट्रपति शी और अन्य नेताओं से द्विपक्षीय बैठकों का पर्याप्त समय मिलेगा.

पीए मोदी का पहला आधिकारिक कार्यक्रम सीधे शी जिनपिंग के साथ बैठक है. यह शेड्यूल बताता है कि भारत ने इस दौरे को केवल सम्मेलन उपस्थिति तक सीमित नहीं रखा. बल्कि इसे रणनीतिक संतुलन का मंच बना दिया है.

अमेरिका को संदेश?
मोदी-शी मुलाकात को वैश्विक विशेषज्ञ अमेरिका के लिए एक सीधा संकेत मान रहे हैं. भारत यह दिखाना चाहता है कि ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी चाहे जितना दबाव बनाए. नई दिल्ली के पास एशियाई सहयोगियों के साथ वैकल्पिक रास्ते मौजूद हैं. सीमा विवाद, व्यापार दबाव और वैश्विक शक्ति समीकरणों के बीच यह मुलाकात भारत का स्ट्रैटेजिक बैलेंस मजबूत करने वाली है. सवाल यही है कि क्या यह मुलाकात अमेरिका को भी अपने रुख पर पुनर्विचार करने को मजबूर करेगी?

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Sumit Kumar

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, … और पढ़ें

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